कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण अब जल शक्ति मंत्रालय के अधीन
अधिकारियों ने कहा कि सीडब्ल्यूएमए पहले जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय के अधीन था।
नयी दिल्ली, 29 अप्रैल कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण: सीडब्ल्यूएमए: को अब आधिकारिक तौर पर जल शक्ति मंत्रालय के अधीन लाया गया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने कहा कि सीडब्ल्यूएमए पहले जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय के अधीन था।
हालांकि, मोदी सरकार ने जल से संबंधित मुद्दों से निपटने के लिए जल शक्ति मंत्रालय का गठन किया है, जबकि जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण इसी मंत्रालय के अंतर्गत एक विभाग का रूप ले लिया है।
एक अधिकारी ने बताया कि अन्य नदियों के जल प्रबंधन प्रधिकरणों को भी जल शक्ति मंत्रालय के अधीन लाया गया है क्योंकि वे भी जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय के अंतर्गत आते थे।
अधिकारी ने बताया कि यह निर्णय महज एक औपचारिकता है जो कामकाज के आवंटन को निर्दिष्ट करता है, जिसका अर्थ है कि प्राधिकरण को जल शक्ति मंत्रालय को रिपोर्ट करना होगा।
2018 में, केंद्र सरकार ने तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल और पुडुचेरी के बीच नदी के पानी के बंटवारे के विवाद को हल करने के लिए कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (सीडब्ल्यूएमए) का गठन किया था।
इन राज्यों के सदस्यों के अलावा, बोर्ड में केंद्र सरकार द्वारा नामित एक सदस्य भी होता है।
अधिकारी ने यह भी कहा कि इस कदम से प्राधिकरण के कामकाज की स्वतंत्रता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
सीडब्ल्यूएमए की आखिरी बैठक फरवरी में हुई थी।
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 29, 2020 09:08 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

