देश की खबरें | ''जाति-व्यवस्था कुछ लोगों के मन-मस्तिष्क पर एक 'धब्बा' जैसा, जिसे तुरंत हटाना आसान नहीं ''

त्रिशूर (केरल), 19 सितंबर केरल के देवस्वोम कल्याण मंत्री के. राधाकृष्णन ने मंगलवार को कहा कि जाति व्यवस्था कुछ लोगों के मन-मस्तिष्क पर एक "धब्बा" जैसा है और इसे तुरंत हटाना आसान नहीं है।

राधाकृष्णन की यह टिप्पणी उनके उस खुलासे के बाद आई है जिसमें उन्होंने दावा किया था कि राज्य के एक मंदिर में उन्हें भेदभाव का सामना करना पड़ा।

उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि उत्तरी राज्यों की तुलना में केरल ने जाति-आधारित भेदभाव को खत्म करने की दिशा में एक लंबा सफर तय किया है और यहां का समाज किसी भी कीमत पर ऐसी कुरीतियों को स्वीकार नहीं करेगा।

हाल ही में, एक मंदिर से जुड़े कार्यक्रम के दौरान भेदभाव का सामना करने के राधाकृष्णन के खुलासे के बाद राज्य में आक्रोश फैल गया।

उन्होंने कहा, "जाति व्यवस्था के तहत बनी मानसिकता को बदलना आसान नहीं है। यह लोगों के मन-मस्तिष्क पर एक धब्बा है...कपड़ों पर लगे धब्बे की तरह इसे हटा पाना आसान नहीं है।"

उन्होंने कहा, हालांकि केरल का समाज इस तरह की मानसिकता को काफी हद तक बदल सकता है, लेकिन यह अभी भी कुछ व्यक्तियों के दिमाग में गहराई से बैठी हुई है।

देवस्वोम मंत्री ने स्पष्ट किया कि उनका इरादा इस घटना को विवाद में बदलने का नहीं था और उन्होंने सिर्फ लोगों को सामाजिक बुराई के बारे में जागरूक करने की कोशिश की थी। उन्होंने दोहराया कि भेदभाव केवल लोगों के प्रति दिखाया गया है, पैसों के प्रति नहीं।

राधाकृष्णन ने यह भी संकेत दिया कि वह अपने साथ हुए भेदभाव को लेकर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करने जा रहे हैं।

अनुसूचित जाति समुदाय से आने वाले राधाकृष्णन ने सोमवार को कहा था कि एक मंदिर के दो पुजारियों ने मंदिर में उद्घाटन के अवसर पर कार्यक्रम स्थल पर मुख्य दीपक को प्रज्जवलित करने के लिए लाए गए छोटे दीपक को उन्हें देने से इनकार कर दिया था।

उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बजाय, उन्होंने खुद मुख्य दीपक प्रज्जवलित किया और उसके बाद यह सोचकर उस छोटे दीपक को जमीन पर रख दिया कि वह (मंत्री) इसे ले लेंगे।

हालांकि मंत्री ने अभी तक मंदिर के नाम का खुलासा नहीं किया है। टीवी चैनलों ने कन्नूर जिले के पायन्नूर मंदिर में हाल ही में हुए 'नादपंडाल' के उद्घाटन की तस्वीरें जारी की हैं। इस कार्यक्रम में मंत्री ने शिरकत की थी।

मंदिर के प्राधिकारियों ने अभी तक इस मामले पर प्रतिक्रिया नहीं दी है।

राधाकृष्णन, सत्तारूढ़ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की केंद्रीय समिति के सदस्य, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग और देवस्वोम कल्याण मंत्री हैं।

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