कोलकाता, 13 अक्टूबर कलकत्ता उच्च न्यायालय ने मंगलवार को यहां के 145 निजी स्कूलों को आदेश दिया कि वे कम से कम 20 प्रतिशत कम शुल्क करने की पेशकश करें।
इसने साथ ही कहा कि सुविधाओं के इस्तेमाल के लिए गैर जरूरी शुल्क की अनुमति नहीं होगी।
यह भी पढ़े | Dumka bypoll 2020: झारखंड के दुमका विधानसभा उपचुनाव के लिए BJP उम्मीदवार लुईस मरांडी ने भरा नामांकन.
उल्लेखनीय है कि शहर के 145 निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों ने स्कूल फीस में कमी करने का अनुरोध करते हुए याचिका दायर की थी। उनका कहना था कि कक्षाएं केवल ऑनलाइन चल रही हैं।
अदालत ने आदेश दिया कि वित्त वर्ष 2020-21 में कोई फीस वृद्धि नहीं होगी और अप्रैल 2020 से जब तक स्कूल दोबारा पारंपरिक तरीके से खुल नहीं जाते, तब तक सभी 145 स्कूल शुल्क में कम से कम 20 प्रतिशत कमी करने की पेशकश करेंगे।
यह फैसला न्यायमूर्ति संजीब बनर्जी और न्यायमूर्ति मौसमी भट्टाचार्य की पीठ ने दिया।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि इस याचिका पर वह सात दिसंबर 2020 को दोबारा सुनवाई करेगी। इससे पहले अदालत निर्देशों के अनुपालन में हुई प्रगति की निगरानी करेगी।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY