लंदन, आठ जुलाई उत्पीड़न का दावा साबित होने के बाद ब्रिटिश रॉयल मेल को भारतीय मूल की महिला को 23 लाख ब्रिटिश पौंड मुआवजा देने का आदेश दिया गया है। माना जा रहा है कि यह रॉयल मेल द्वारा सबसे अधिक मुआवजा देने के मामलों में से एक है।
कैम जट्टी ने करीब आठ साल पहले रोजगार अधिकरण में दावा किया था कि उनके सहकर्मी ने अवैध तरीके से उनका बोनस प्राप्त किया था और यह मामला उच्च अधिकारी के समक्ष उठाने पर उन्हें धमकी दी गई थी और उनका उत्पीड़न किया गया था।
‘द डेली टेलीग्राफ’ की खबर के मुताबिक अधिकरण ने पाया कि महिला कर्मी के प्रति बॉस के उक्त व्यवहार से उनपर ‘विनाशकारी असर’ पड़ा।
इस सप्ताह मामले में जोड़े गए आदेश के मुताबिक, ‘‘अधिकरण प्रतिवादी को आदेश देता है कि वह वादी को 23,65,614.13 पौंड (करीब 25 करोड़ रुपये)के मुआवजे का भुगतान करे।’
हालांकि, अधिकरण ने उसके फैसले के खिलाफ अपीलीय अदालत से निर्णय आने तक भुगतान पर रोक लगा दी, मुआवजे संबंधी राशि का ब्योरा पक्षकारों को तीन अक्टूबर 2022 को भेजा गया था और दोनों पक्ष के पास अधिकार था कि वे इस रोक के खिलाफ अपील करें।
फैसले में कहा गया, ‘‘कुल देय राशि में से प्रतिवादी (रॉयल मेल) 2.5 लाख पौंड की राशि का भुगतान वादी को करेगा क्योंकि इस राशि पर रोक नहीं होती। पक्षकार इस बात पर सहमत हुए हैं कि सुनवाई के 14 दिनों के भीतर वादी को इस राशि का भुगतान किया जाएगा।
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