विदेश की खबरें | विरोध प्रदर्शनों पर कार्रवाई करने के लिए ब्रिटिश पुलिस को मिले नये अधिकार
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

अधिकारियों ने ‘जस्ट स्टॉप ऑयल’ और ‘एक्सटिंक्शन रिबेलियन’ सहित पर्यावरण समूहों की निंदा की है, जिन्होंने व्यस्त राजमार्गों और सड़कों पर कई विरोध प्रदर्शन कर जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए कदम उठाये जाने की मांग की है।

हाल के वर्षों में उनके विरोध प्रदर्शनों के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा है।

पुलिस के पास विरोध प्रदर्शनों पर काबू पाने के लिए रविवार से कई शक्तियां होंगी।

आलोचकों ने हालांकि, दलील दी है कि कड़े कानून विरोध दर्ज कराने के अधिकार के लिए खतरा हैं, लेकिन ब्रिटेन के अधिकारियों का कहना है कि ये उपाय लोगों की परेशानी को दूर करने के लिए जरूरी हैं।

इस बीच, गृह मंत्री सुएला ब्रेवरमैन ने कहा, ‘‘स्वार्थी प्रदर्शनकारियों द्वारा जनता का जीवन काफी हद तक प्रभावित किया जा चुका है। हमने अपनी सड़कों पर जो उत्पात देखा है।’’

अधिकारियों का कहना है कि नए सार्वजनिक व्यवस्था अधिनियम के तहत, प्रदर्शनकारियों को ‘‘सुरंग बनाने’’ - या नए बुनियादी ढांचे के निर्माण में बाधा डालने के लिए भूमिगत सुरंग खोदने का दोषी पाया गया तो तीन साल की जेल हो सकती है।

उन्होंने कहा कि इस कानून के तहत किसी भी प्रमुख परिवहन परियोजना में बाधा डालने का दोषी पाए जाने पर छह महीने तक की जेल हो सकती है।

गौरतलब है कि ब्रिटेन में पिछले साल प्रमुख सड़कों और पुलों को अवरुद्ध करने के आरोप में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया था।

एपी

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