विदेश की खबरें | ब्रिटेन के विदेश मंत्री क्लेवरली चीन जाएंगे, दोनों देशों के बीच संबंध मजबूत करने पर होगी चर्चा
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बहुप्रतीक्षित यात्रा की मंगलवार को पुष्टि की।

मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने कहा, ‘‘दोनों पक्ष चीन-ब्रिटेन संबंधों और साझा चिंता के क्षेत्रीय मुद्दों पर गहन चर्चा करेंगे। हम उम्मीद करते हैं कि ब्रिटिश पक्ष परस्पर सम्मान की भावना बनाये रखने, आपसी सहमति बढ़ाने और चीन-ब्रिटेन संबंधों के स्थिर विकास को बढ़ावा देने के लिए हमारे साथ काम करेगा।’’

क्लेवरली की यात्रा चीन-ब्रिटेन संबंधों को स्थिर करने की एक कोशिश होगी, जो दशकों के अपने निम्नतम स्तर पर चले गए हैं।

दोनों देश, ब्रिटेन के पूर्व उपनिवेश हांगकांग में नागरिक स्वतंत्रता पर पाबंदी लगाये जाने, शिंजियांग क्षेत्र में मानवाधिकारों के कथित हनन, रूस के लिए चीन के समर्थन और ब्रिटेन के अमेरिका के साथ करीबी सुरक्षा संबंधों जैसे मुद्दों को लेकर असहमत हैं।

क्लेवरली ने जून में कहा था कि वह शिंजियांग और हांगकांग जैसे मुद्दे चीन सरकार के समक्ष उठाएंगे तथा उन्होंने ब्रिटिश सांसदों पर लगाये गये प्रतिबंध हटाने का बीजिंग से अनुरोध किया था।

चीन ने बीजिंग के आलोचक पांच ब्रिटिश सांसदों पर 2021 में प्रतिबंध लगा दिया था। चीन की मुख्य भूमि, हांगकांग और मकाउ में उनका प्रवेश निषिद्ध कर दिया गया था।

क्लेवरली पहले जुलाई में बीजिंग की यात्रा करने वाले थे लेकिन यह टाल दी गई, और तब उनके तत्कालीन समकक्ष छिन कांग ने वांग यी की जगह ली थी।

मानवाधिकारों और सुरक्षा चिंताओं को रेखांकित करने के अलावा, क्लेवरली के जलवायु परिवर्तन और व्यापार जैसे सहयोग के संभावित क्षेत्रों पर सहयोग की संभावना तलाशने की उम्मीद है।

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