कोलकाता, 26 जुलाई पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों ने बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी द्वारा ‘प्रक्रियागत खामी’ का हवाला देते हुए ‘राज्य में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार पर चर्चा’ के लिए प्रस्ताव पेश करने की अनुमति नहीं देने पर सदन से बहिर्गमन किया।
बनर्जी ने कहा कि प्रस्ताव को तय प्रक्रिया के तहत पेश नहीं किया गया था।
भाजपा विधायक अग्निमित्र पॉल ने कहा कि पार्टी ‘‘राज्य में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध’ को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का वक्तव्य चाहती है।
भाजपा विधायकों को जब चर्चा या प्रस्ताव पढ़ने की अनुमति नहीं दी गई तब उन्होंने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और सदन से बहिर्गमन किया। बाद में उन्होंने सदन के बाहर भी नारेबाजी की और मुख्यमंत्री से इस मुद्दे पर वक्तव्य की मांग की।
पॉल ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘राज्य में पूरी तरह से अराजक स्थिति उत्पन्न हो गई है। हम विधानसभा में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध के मुद्दे पर चर्चा चाहते हैं लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने इसकी अनमुति नहीं दी। विपक्ष राज्य के लोगों से जुड़े मुद्दों को जब भी उठाने की कोशिश करता है, हमें ऐसा करने नहीं दिया जाता है। यह खेदजनक है।’’
भाजपा के सदन से बहिर्गमन पर राज्य के संसदीय कार्यमंत्री सोवनदेब चटोपाध्याय ने आरोप लगाया कि भगवा खेमा जातीय संघर्ष से ग्रस्त मणिपुर में अपनी नाकामी से ध्यान भटकाना चाहता है।
उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा मणिपुर से लोगों का ध्यान भटकाना चाहती है। वे भाजपा शासित मणिपुर हिंसा की तुलना पश्चिम बंगाल के शांतिपूर्ण माहौल से करने की कोशिश कर रहे हैं। अगर वे महिलाओं की सुरक्षा को लेकर इतने ही चिंतित हैं तो क्यों नहीं पूर्वोत्तर राज्य में महिलाओं के प्रति हिंसा की निंदा करते हैं।’’
मणिपुर में जातीय हिंसा पर चर्चा और वहां की घटनाओं की निंदा के लिए सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस सोमवार को प्रस्ताव पेश करेगी जिसका विरोध करने का फैसला भाजपा ने किया है।
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