श्रीनगर, 23 अक्टूबर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने शुक्रवार को भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी ने देश के संविधान को ‘ध्वस्त’ कर दिया है और संविधान के स्थान पर अपना घोषणापत्र थोपना चाहती है।
पिछले साल अगस्त में अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त किए जाने के करीब 14 महीने बाद पहली बार मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि कुछ को छोड़कर देश में बाकी विपक्षी दलों ने यह सोचकर चुप्पी साध ली कि यह कश्मीर में हुआ है उनके साथ नहीं।
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उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘लेकिन भाजपा ने तब उसी संविधान को ध्वस्त कर दिया, संशोधित नागरिकता कानून को पारित किया और लोगों को बांटने का काम किया। इसके बाद किसान विरोधी कानून लाए गए और अब मुझे लगता है कि वे दलितों, वंचित समुदायों के अधिकारों को छीन लेंगे। ’’
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘भाजपा देश के संविधान को बदलकर अपना घोषणापत्र थोपना चाहती है लेकिन ऐसा नहीं हो पाएगा। हिटलर जैसे कई लोग आए और चले गए । यह तानाशाही नहीं चलेगी।’’
मुफ्ती ने कहा कि भाजपा जम्मू कश्मीर के लोगों को पसंद नहीं करती और उसे केवल अपने ‘क्षेत्र’ की चिंता है ।
उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा बहाल करने की लड़ाई जारी रखनी होगी।
जब उनसे पूछा गया कि क्या 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद गठबंधन कर भाजपा को ताकत प्रदान करने के पीडीडपी जिम्मेदार नहीं है तो उन्होंने कहा कि कश्मीर का विशेष दर्जा विधानसभा या जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा समाप्त नहीं किया गया, बल्कि संसद ने किया।
मुफ्ती ने कहा कि अगर कोई अफसोस है तो यह है कि हमने उसी पार्टी के प्रधानमंत्री पर विश्वास किया जिससे (पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी) वाजपेयी जी का नाता था। हमे भरोसा था कि वह संविधान का अनादर नहीं करेंगे। कौन जानता था कि वह तब ऐसा करेंगे जब उनके पास पूर्ण बहुमत होगा।
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