नयी दिल्ली, 26 जून जून की शुरुआत में गुजरात में तबाही मचाने वाला चक्रवात बिपारजॉय 1977 के बाद से उत्तरी हिंद महासागर में सबसे लंबे समय तक सक्रिय रहने वाला चक्रवाती तूफान था। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सोमवार को यह जानकारी दी।
इस साल अरब सागर में आया पहला चक्रवाती तूफान बिपारजॉय छह जून को दक्षिण-पूर्व अरब सागर पर बना और 15 जून को सौराष्ट्र तथा कच्छ पर उसने दस्तक दी थी। इसके बाद 18 जून को यह कम दबाव के क्षेत्र में तब्दील होकर कमजोर पड़ गया था।
आईएमडी ने बिपारजॉय पर एक रिपोर्ट में कहा कि अरब सागर पर चक्रवाती तूफान कुल 13 दिन और तीन घंटे तक सक्रिय रहा, जो भीषण चक्रवाती तूफानों के छह दिन तथा तीन घंटे के औसत जीवन काल से दोगुने से अधिक है।
उत्तरी हिंद महासागर पर सबसे लंबे समय तक सक्रिय रहा तूफान 1977 में आठ से 23 नंवबर के बीच आया था। वह 14 दिन और छह घंटे तक सक्रिय रहा था।
हाल के वर्षों में अरब सागर पर अत्यधिक भीषण चक्रवाती तूफान ‘क्यार’ (अक्टूबर 2019) नौ दिन तथा 15 घंटे तक सक्रिय रहा था जबकि बंगाल की खाड़ी पर बेहद भीषण चक्रवात गाजा (नवंबर 2018) नौ दिन तथा 15 घंटे तक सक्रिय रहा था।
बिपारजॉय ने 2,525 किलोमीटर के रास्ते में नौ बार अपनी राह बदली थी जिससे मौसम विज्ञानियों के लिए चक्रवात की राह का अनुमान लगाना मुश्किल हो गया। यह 11 जून को अत्यधिक भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया था लेकिन चार दिन बाद ही कमजोर पड़ गया था।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY