देश की खबरें | बिहार विधानसभा चुनाव 2020 मेरा अंतिम चुनाव : नीतीश कुमार
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

धमदाहा (पूर्णिया), पांच नवंबर बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड के नेता नीतीश कुमार ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य में हो रहा विधानसभा चुनाव उनका अंतिम चुनाव है।

पूर्णिया के धमदाहा में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने कहा, ‘‘ आज चुनाव प्रचार का अंतिम दिन है । परसों मतदान है और यह मेरा अंतिम चुनाव है । अंत भला तो सब भला । ’’

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गौरतलब है कि नीतीश कुमार ने साल 1977 में अपना पहला चुनाव लड़ा था। वह कई बार लोकसभा के सांसद रहे और अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में मंत्री भी रहे । नीतीश कुमार साल 2005 से बिहार के मुख्यमंत्री हैं ।

जनता से बिहार के विकास के लिए राजग को वोट देने की अपील करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य की पहले की स्थिति और आज की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य को अभी विकास के नए आयाम तय करने हैं और इसके लिए राजग के पक्ष में मतदान जरूरी है।

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गौरतलब है कि बिहार में तीन चरणों में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। तीसरे और अंतिम चरण के चुनाव के प्रचार का आज आखिरी दिन है।

मुख्यमंत्री ने कहा ‘‘जब हमें काम करने का मौका मिला, तब हमने कहा था कि न्याय के साथ विकास किया जाएगा। हमने अपना वादा पूरा किया। हमने किसी की भी उपेक्षा नहीं की, सबको साथ ले कर चले, सबका विकास किया। आगे मौका मिला तो राज्य को विकास की नयी ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।’’

नीतीश कुमार ने कहा, ‘‘हमने तो सिर्फ काम किया है ,और मौका मिलेगा तब हर समुदाय और हर क्षेत्र के लोगों की बेहतरी के लिए काम करते रहेंगे।’’

नीतीश की इस घोषणा पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा-जदयू के ‘‘टायर्ड व रिटायर्ड’’ नेतृत्व और नीतीश कुमार ने रिटायरमेंट की घोषणा कर दी है ।

उन्होंने कहा कि नीतीश बाबू की ‘निराशा’ और महागठबंधन की ‘आशा’ राज्य में बड़े बदलाव का सूचक है ।

सुरजेवाला ने कहा कि अच्छा होता कि नीतीश कुमार और सुशील मोदी बिहार को बदहाली के कगार पर पहुंचाने के लिये खुले मन से लोगों से माफी मांगते और महागठबंधन को सरकार सौंपते ।

राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि नीतीश कुमार बिहारवासियों की आकांक्षाओं, अपेक्षाओं के साथ-साथ ज़मीनी हकीकत भी स्वीकार करने को तैयार नहीं थे।

उन्होंने कहा, ‘‘ हम शुरू से कहते आ रहे है कि वो पूर्णत: थक चुके है और बिहार उनसे संभल नहीं रहा है। आज आखिरकार उन्होंने अंतिम चरण से पहले हार मानकर राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा कर हमारी बात पर मुहर लगा दी।’’

तेजस्वी ने कहा कि हो सकता है कि उन्हें जमीनी हकीकत का एहसास हो गया और उन्होंने सन्यास लेने की घोषणा की दी ।

वहीं लोजपा नेता चिराग पासवान ने कहा, ‘‘ साहब ने कहा है की यह उनका आख़िरी चुनाव है। इस बार पिछले 5 साल का हिसाब दिया नहीं और अभी से बता दिया की अगली बार हिसाब देने आएंगे नहीं।’’

चिराग ने कहा ‘‘मुझे नहीं पता कि यह सलाह उन्हें किसने दिया क्योंकि जो पहले ही हार रहे हो, उसका नेता अगर रणभूमि छोड़ दें तब बाकी के लोग क्या करेंगे, बाकी लोगों की हार तो आपने खुद सुनिश्चित कर दी ।’’

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