व्हाइट हाउस ने रविवार को कहा कि इस मुलाकात का उद्देश्य ऐसे वक्त में ‘‘जिम्मेदारीपूर्वक संबंध बनाए रखना है’’, जब प्रतिद्वंद्वी ताकतों के बीच तनावपूर्ण संबंध और परस्पर संदेह का माहौल हो।
उसने एक बयान में कहा कि दोनों नेताओं ने ‘‘स्पष्ट, ठोस और रचनात्मक चर्चा’’ की। दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देश संवाद की गुंजाइश बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं।
राष्ट्रपति बाइडन ने हाल में जी20 शिखर सम्मेलन में भारत की यात्रा के दौरान चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग से बातचीत की थी।
बाइडन ने प्रशांत क्षेत्र में चीन के प्रभाव को चुनौती देने के लिए जापान, दक्षिण कोरिया, भारत, वियतनाम और अन्य देशों के साथ संबंधों को मजबूत करने पर काम किया है। हालांकि, उन्होंने गत रविवार को वियतनाम की राजधानी हनोई में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इन गठबंधन का अभिप्राय: चीन के साथ ‘‘शीत युद्ध’’ से नहीं है।
व्हाइट हाउस ने कहा कि सुलिवन और वांग ने दोनों देशों के बीच संबंध, वैश्विक तथा क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दों, यूक्रेन में रूस के युद्ध और ताइवान जलडमरूमध्य पर चर्चा की।
सुलिवन ने माल्टा के प्रधानमंत्री रॉबर्ट अबेला से भी मुलाकात की।
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