नयी दिल्ली, 21 सितंबर दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सोमवार को कहा कि जनहित में बेहतर नियोजन और नीति निर्माण बस आंकड़ों की बेहतर समझ से किया जा सकता है।
सिसोदिया ने दिल्ली सरकार के नियोजन एवं सांख्यिकी विभाग के 25 अधिकारियों के लिए सप्ताहभर चलने वाले ‘एडवांस्ड एनालिसिस कैपेसिटी डेवलपमेंट प्रोग्राम’ के उद्घाटन के मौके पर यह टिप्पणी की।
उन्होंने कहा, ‘‘ हमारे पास ढेर सारे आंकड़े हैं लेकिन महत्वपूर्ण चीज उसे समझना है। उसका विश्लेषण, रखरखाव एवं प्रसंस्करण ऐसा होना चाहिए कि उससे भावी जरूरतों में मदद मिले। अक्सर हम नीति के विफल होने के बारे में सुनते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इसकी वजह यह है कि नीतियां बनाते समय अधिकारी लाभार्थियों की कुल संख्या से अनजान होते हैं। उन्नत आंकड़ा विश्लेषण इन चीजों में स्पष्टता प्रदान करने में मदद पहुंचाता है। आंकड़ों की गहरी समझ से बेहतर नियोजन होगा। ’’
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यदि हम यह जान पा सकते हैं कि फिलहाल दिल्ली में एक साल के कितने बच्चे हैं तब ही हम पांच साल के बाद पहली कक्षा में समायोजित करने के लिए कमरों की कुल संख्या का अनुमान लगा पायेंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘ जीएसटी के क्रियान्वयन से विभिन्न क्षेत्रों की नौकरियों में बड़े बदलाव आये । जहां दिल्ली से कुछ उद्योग पूरी तरह गायब हो गये वहीं कुछ अन्य क्षेत्रों में रोजागर की संभावना काफी बढ़ी। इस प्रकार के आंकड़े भी काफी मददगर होते हैं। ’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY