जरुरी जानकारी | सात शहरों में कुल कार्यालय पट्टे में बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई का योगदान 59 प्रतिशत: रिपोर्ट

नयी दिल्ली, 20 जुलाई देश के शीर्ष सात प्रमुख शहरों में जून में समाप्त तिमाही में पट्टे पर लिए गये दफ्तर के मामले में देश के तीन प्रमुख दक्षिणी शहर - बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद का योगदान 59 प्रतिशत रहा। रियल एस्टेट सलाहकार वेस्टियन ने एक रिपोर्ट में यह कहा।

बेंगलुरु स्थित वेस्टियन ने बृहस्पतिवार को अपनी त्रैमासिक कार्यालय बाजार रिपोर्ट ‘द कनेक्ट क्यू-2, 2023 जारी की। इसमें कहा गया है कि इस वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में ली गई कुल 1.39 करोड़ वर्ग फुट में से तीन प्रमुख दक्षिणी शहरों में 82 लाख वर्ग फुट की जगह पट्टे पर ली गई।

वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच बड़ी घरेलू कंपनियों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा निर्णय लेने में देरी के कारण सात प्रमुख शहरों में, अप्रैल-जून के दौरान कुल कार्यालय पट्टे छह प्रतिशत घटकर 1.39 करोड़ वर्ग फुट रह गया, जो एक साल पहले की अवधि में 1.48 करोड़ वर्ग फुट था।

हालांकि, पिछली तिमाही की तुलना में मांग 17 प्रतिशत अधिक थी।

वेस्टियन के सीईओ श्रीनिवास राव ने कहा कि पिछली तिमाही की तुलना में जून तिमाही के दौरान पट्टे लेने और पूर्ण निर्मित जगह में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा, "भारतीय अर्थव्यवस्था में मजबूती कार्यालय बाजार में भी दिखाई दे रही है। एक तरफ जहां पट्टे में वृद्धि हुई है, वहीं दूसरी तरफ वित्त पोषण चुनौतियों का प्रभाव कम हो रहा है।"

उन्होंने कहा कि अप्रैल-जून 2023 के आंकड़ों के अनुसार, सालाना आधार पर चेन्नई में पट्टा 12 लाख वर्ग फुट से 83 प्रतिशत बढ़कर 22 लाख वर्ग फुट हो गई।

बेंगलुरु में पट्टा 42 लाख वर्ग फुट से 12 प्रतिशत घटकर 37 लाख वर्ग फुट रह गई।

हैदराबाद में पट्टे की गतिविधि 24 लाख वर्ग फुट से 4 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 23 लाख वर्ग फुट रह गया।

मुंबई में कार्यालय के लिये पट्टा 24 लाख वर्ग फुट से 25 प्रतिशत घटकर 18 लाख वर्ग फुट रह गई। लेकिन पुणे में, मांग 17 लाख वर्ग फुट से 6 प्रतिशत बढ़कर 18 लाख वर्ग फुट हो गई।

वेस्टियन डेटा से पता चला है कि दिल्ली-एनसीआर में ऑफिस के पट्टे में नरमी रही और यह 21 लाख वर्ग फीट से 5 प्रतिशत घटकर 20 लाख वर्ग फीट रह गई।

कोलकाता में, पट्टे की गतिविधियां 8 लाख वर्ग फुट से 88 प्रतिशत घटकर एक लाख वर्ग फुट रह गईं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)