Baba Siddiqui Murder Case: सुपारी लेकर हत्या, कारोबारी प्रतिद्वंद्विता समेत सभी पहलुओं से जांच कर रही पुलिस
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पुलिस ने महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या की विभिन्न पहलुओं से जांच शुरू कर दी है जिसमें सुपारी लेकर हत्या, कारोबारी प्रतिद्वंद्विता या एक बस्ती की पुनर्वास परियोजना को लेकर मिली धमकी के पहलू भी शामिल हैं। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
मुंबई, 13 अक्टूबर : पुलिस ने महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या की विभिन्न पहलुओं से जांच शुरू कर दी है जिसमें सुपारी लेकर हत्या, कारोबारी प्रतिद्वंद्विता या एक बस्ती की पुनर्वास परियोजना को लेकर मिली धमकी के पहलू भी शामिल हैं. अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी. एक अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता सिद्दीकी (66) का शव पोस्टमार्टम के लिए रविवार सुबह करीब छह बजे लीलावती अस्पताल से कूपर अस्पताल ले जाया गया. उनकी शनिवार रात को मुंबई में तीन हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. इस चौंकाने वाली घटना के बाद विपक्ष ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाया है. राज्य में अगले महीने विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं. बाबा सिद्दीकी को मुंबई में बांद्रा इलाके के खेर नगर में उनके बेटे एवं विधायक जीशान सिद्दीकी के कार्यालय के बाहर तीन लोगों ने गोली मार दी थी.
उन्हें अचेत अवस्था में रात साढ़े नौ बजे लीलावती अस्पताल के आपातकालीन चिकित्सा सेवा विभाग में भर्ती कराया गया. अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि उस समय उनकी नब्ज, हृदय गति नहीं चल रही थी, रक्तचाप भी नहीं था और उनके सीने में गोली लगने के घाव थे. उन्होंने बताया कि सिद्दीकी का काफी खून बह गया था और उन्हें होश में लाने की कोशिशें तुरंत शुरू की गयी थी. उन्हें गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती कराया गया लेकिन सभी प्रयासों के बावजूद चिकित्सक उन्हें बचा नहीं पाए और शनिवार रात 11 बजकर 27 मिनट पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि घटना के बाद फॉरेंसिक विशेषज्ञों का एक दल अपराध स्थल पर पहुंचा और नमूने एकत्रित किए. पुलिस हमले के बारे में और जानकारी जुटाने के लिए आसपास के इलाकों की सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है. यह भी पढ़ें : डीयू के पूर्व प्रोफेसर साईबाबा की मौत आंशिक रूप से यूएपीए का नतीजा: असदुद्दीन ओवैसी
उन्होंने बताया कि हमलावरों ने 9.9 एमएम की पिस्तौल से चार से पांच गोलियां चलायीं. पुलिस ने पिस्तौल बरामद कर ली है. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान पुलिस को पता चला है कि हमलावरों ने सिद्दीकी पर तब गोलियां चलायी जब लोगों ने दुर्गा विसर्जन की शोभायात्रा के दौरान पटाखे फोड़ने शुरू किए. पुलिस ने बताया कि उन्होंने इस मौके का फायदा उठाया क्योंकि तब ज्यादातर लोगों ने पटाखे फोड़े जाने के कारण गोलियां चलने की आवाज नहीं सुनी. अधिकारी ने बताया कि इस मामले को जांच के लिए अपराध शाखा को सौंपा गया है और पुलिस सभी अलग-अलग पहलुओं से मामले की जांच कर ही है, जिसमें सुपारी लेकर हत्या, कारोबारी प्रतिद्वंद्विता और एक बस्ती पुनर्वास प्राधिकरण (एसआरए) परियोजनाआ को लेकर धमकी के पहलू भी शामिल हैं. पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक सूचना के आधार पर उत्तर प्रदेश तथा हरियाणा के दो हमलावरों को हिरासत में लिया गया है जबकि एक अन्य संदिग्ध फरार है.
बाबा सिद्दीकी ने विधानसभा में तीन बार बांद्रा (पश्चिम) सीट का प्रतिनिधित्व किया था. मुंबई के प्रतिष्ठित मुस्लिम नेता सिद्दीकी को कई बॉलीवुड हस्तियों के करीब माना जाता था. सिद्दीकी की हत्या पिछले तीन दशक में मुंबई में किसी हाई-प्रोफाइल नेता की हत्या का पहला मामला है जिसने पूरे राज्य को चौंका दिया है. छात्र जीवन से ही कांग्रेस का सदस्य रहे सिद्दीकी इस साल फरवरी में अजित पवार नीत राकांपा में शामिल हो गए थे. उन्हें वाई श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त थी. इससे पहले 90 के शुरुआती दशक में बांद्रा और खेतवाडी से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तत्कालीन विधायक क्रमश: रामदास नायक और प्रेमकुमार शर्मा की भी गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी. शिवसेना विधायक रहे विठ्ठल चह्वाण और रमेश मोरे की भी मुंबई में 90 के दशक में गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 13, 2024 09:56 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

