हूर (स्वीडन), 26 अगस्त अमेच्योर गोल्फर अवनि प्रशांत यहां एशसेल फाइनल में ‘बैक नाइन’ होल में शानदार प्रदर्शन की बदौलत इस साल यूरोप में खिताब अपने नाम करने वाली तीसरी भारतीय बन गयीं।
अवनि ने शुक्रवार को अंतिम सात होल में चार बर्डी और एक ईगल लगाकर लेडीज यूरोपीय टूर (एलईटी) एक्सेस सीरीज का खिताब जीता।
किसी भारतीय महिला गोल्फर ने इस टूर्नामेंट में पहली बार खिताब जीता है। हालांकि अदिति अशोक और दीक्षा डागर इस सत्र के शुरु में मुख्य लेडीज यूरोपीय टूर खिताब जीत चुकी हैं।
अवनि (16 वर्ष) ने पहले दो दौर में 72 और 71 के कार्ड खेले थे जिससे वह 36 होल के बाद संयुक्त रूप से नौंवे स्थान पर चल रही थीं।
अंतिम दौर में उनकी शुरुआती अच्छी नहीं रही, वह पहले और चौथे होल में बोगी कर बैठीं। पर उन्होंने पांचवें और आठवें होल में बर्डी लगाकर इसकी भरपायी की।
वह 11 होल के बाद इवन पार चल रही थीं जिससे शीर्ष 10 में उनका स्थान तय हो गया था।
पर बैक नाइन पर शानदार प्रदर्शन करके वह पहले स्थान पर रहने में सफल रही जिसमें उन्होंने बर्डी और ईगल लगाये।
अवनि ने खिताब जीतने के बाद कहा, ‘‘मेरी शुरुआत जिस तरह से हुई, उसके बाद पांच अंडर पार में रहना शानदार होता लेकिन खिताब जीतना और भी शानदार है। यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेरा पहला पेशेवर खिताब है। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘हवा के कारण पहले चार होल खेलने में मुश्किल हुई। नौवें होल के बाद मैं पार पर थी और फिर बैक नाइन पर हवा थोड़ी कम थी जिसका मैंने पूरा फायदा उठाया। ’’
अवनि ने इस साल मनीला में क्वीन सिरिकिट कप जीता था और अब उनकी निगाहें अगले महीने हांगझोउ में एशियाई खेलों में खेलने वाली भारत सबसे युवा गोल्फर बनने पर लगी हैं।
भारत की अस्मिता सतीश और विधात्री उर्स कट से चूक गयी थीं।
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