फलस्तीन का समर्थन करने वाले सैकड़ों प्रदर्शनकारी मंगलवार को संसद भवन के बाहर एकत्र हुए और उन्होंने सरकार से इजराइल पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने भी 27 देशों के साथ एक संयुक्त बयान जारी कर कहा था कि गाजा में युद्ध ‘‘अब समाप्त होना चाहिए।’’
‘‘ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन’’ (एबीसी) की खबर के अनुसार, मंगलवार दोपहर जब अटॉर्नी जनरल सैम मोस्टिन संसद को संबोधित कर रही थीं, तो सुरक्षा गार्ड ने 15 प्रदर्शनकारियों को उच्च सदन के सार्वजनिक गलियारे में प्रवेश करने से रोक दिया।
इस दौरान ‘‘ऑस्ट्रेलियन ग्रीन्स’’ पार्टी की उपनेता सीनेटर मेहरीन फारुकी ने मोस्टिन के भाषण के दौरान सदन में एक तख्ती उठाकर मौन विरोध जताया, जिस पर लिखा था, ‘‘गाजा भूख से मर रहा है, शब्दों से उनका पेट नहीं भरेगा, इजराइल पर प्रतिबंध लगाओ।’’
ऑस्ट्रेलिया ने इजराइल सरकार के मंत्री इतामार बेन-गवीर और बेज़ालेल स्मोटरिच सहित कुछ इजराइली नागरिकों पर वित्तीय और यात्रा प्रतिबंध लगाए हैं, लेकिन देश की सरकार ने इज़राइल पर कोई व्यापक प्रतिबंध नहीं लगाए हैं।
पश्चिम एशिया के संबंध में संयुक्त बयान पर विवाद
गृह मंत्री टोनी बर्क ने कहा कि संयुक्त बयान को पश्चिम एशिया संघर्ष पर उनकी सरकार द्वारा अब तक इस्तेमाल किया गया सबसे कड़े शब्दों वाला बयान बताया।
बर्क ने एबीसी से कहा, ‘‘जब आप इतनी सारी अन्य महत्वपूर्ण शक्तियों के साथ मिलकर एक संयुक्त बयान दे सकते हैं, तो हम सभी को उम्मीद होती है कि कुछ ऐसा होगा, जो इस हालात को बदलेगा।’’
बर्क ने कहा, ‘‘दुनिया के दूसरे कोने में जो कुछ हो रहा है, उसे किसी भी तरह से सही नहीं ठहराया जा सकता। बंधकों को अब भी रिहा किया जाना चाहिए, लेकिन युद्ध खत्म होना जरूरी है।’’
एपी
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)










QuickLY