इंदौर (मध्यप्रदेश), 26 अगस्त लोकायुक्त पुलिस ने बंद ट्रांसफार्मर हटवाने के बदले 40,000 रुपये की घूस लेने के आरोप में राज्य सरकार की एक बिजली वितरण कम्पनी के सहायक इंजीनियर को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया।
लोकायुक्त पुलिस के उपाधीक्षक (डीएसपी) प्रवीण सिंह बघेल ने बताया कि मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के सहायक इंजीनियर मोहन सिंह सिकरवार को पोलोग्राउंड क्षेत्र स्थित उनके सरकारी दफ्तर में 40,000 रुपये की कथित रिश्वत लेते पकड़ा गया।
डीएसपी ने बताया कि राजेंद्र राठौर नामक व्यक्ति की शिकायत पर जाल बिछाकर यह गिरफ्तारी की गयी। बघेल ने बताया, "राठौर जब सिकरवार के दफ्तर पहुंचे, तो उन्होंने घूस की रकम को अपनी टेबल की दराज में रखने को कहा। इशारा मिलते ही हमने घूस की रकम के साथ सहायक इंजीनियर को गिरफ्तार कर लिया।"
उन्होंने बताया कि राठौर की परिचित महिला लक्ष्मी सोनी के घर के ठीक सामने विद्युत वितरण कंपनी का अनुपयोगी ट्रांसफार्मर लम्बे समय से बंद पड़ा है। इसे वहां से हटवाने के लिये सोनी ने राठौर को कहा था।
यह भी पढ़े | Fire Breaks Out in Noida Sector 63: नोएडा के सेक्टर 63 में खिलौने बनाने वाली फैक्ट्री में लगी भीषण आग.
डीएसपी ने बताया, "राठौर ने हमें शिकायत की कि इस काम के बदले सहायक इंजीनियर ने पहले 50,000 रुपये की घूस मांगी थी। मोल-भाव के बाद वह 40,000 रुपये में यह काम करने को राजी हो गया था।"
उन्होंने बताया कि रिश्वत कांड में गिरफ्तार सरकारी कारिंदे के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस संबंध में विस्तृत जांच जारी है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)










QuickLY