देश की खबरें | राजस्थान में कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में अभिन्न स्तंभ हैं आशा कार्यकर्ता : स्वास्थ्य मंत्रालय

नयी दिल्ली, पांच जुलाई केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को कहा कि ‘मान्यताप्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता’ (आशा) राजस्थान में कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में अभिन्न स्तंभ बनकर उभरी हैं और वे निगरानी तथा सूचना प्रसार के लिए राज्य की सहायक नर्स मिडवाइव्स (एएनएम) की सहायता के साथ आठ करोड़ परिवारों में लगभग 39 करोड़ लोगों तक पहुंचीं।

मंत्रालय ने कहा कि इन सभी के बीच में तथा बिना लक्षण वाले लागों के प्रति सचेत रहते हुए, आशा कार्यकर्ताओं ने गर्भवती महिलाओं, नवजातों तथा बच्चों की देखभाल करने का कार्य भी जारी रखा। जहां एंबुलेंसों की उपलब्धता नहीं थी, वहां उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए परिवहन की व्यवस्था भी की।

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उसने कहा कि राजस्थान में, कोविड-19 महामारी फसल की कटाई के मौसम के साथ ही आई है और अधिकतर आशा कार्यकर्ताओं के परिवारों की भी यही उम्मीद रहती है कि वे फसल कटाई से संबंधित कार्यकलापों में उनकी सहायता करें।

मंत्रालय ने कहा, ‘‘हालांकि, इस वर्ष आशा कार्यकर्ताओं की गहन भागीदारी महामारी को रोकने में रही है जिससे वे परिवार की मदद नहीं कर पाई हैं, इसकी वजह से उनके परिवार वालों में काफी आक्रोश और प्रतिरोध दिख रहा है।’’

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आशा कार्यकर्ता गोगी देवी का उदाहरण देते हुए मंत्रालय ने कहा कि उन्होंने आशा कार्यकर्ता के रूप में सेवा करने वाली और सामाजिक रूप से जागरूक करने वाली, समुदाय स्तर पर देखभाल उपलब्ध करने वाली तथा स्वास्थ्य सुविधा के लिए संपर्क कार्यकर्ता के रूप में अपनी भूमिका पूरी करने की दृढ़ता बनाए रखी।

मंत्रालय के बयान के अनुसार, गोगी देवी के प्रयासों को उस वक्त पुरस्कार मिला जब ग्राम पंचायत के प्रधान ने सार्वजनिक रूप से कोविड-19 से संबंधित नियंत्रण एवं बचाव उपायों में उनकी भूमिका की सराहना की। इससे उनके कार्य के प्रति परिवार का दृष्टिकोण बदल गया जिन्होंने उनकी प्रतिबद्धता की प्रशंसा करनी शुरू कर दी।

इसमें कहा गया कि गोगी देवी को उनके कार्य के प्रति उनके समुदाय की प्रशंसा और सराहना से उन्हें अपना कार्य अनथक तरीके से करते रहने के लिए मजबूत प्रेरणा मिली।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि 8 मार्च को, राजस्थान की सभी 9,876 ग्राम पंचायतों ने एक विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया जिसमें आशा कार्यकर्ताओं ने कोविड-19 के प्रसार के तरीकों, सावधानियों एवं नियंत्रण के उपायों को समझाने में अग्रणी भूमिका निभाई क्योंकि उन सभी को इस सार्वजनिक गतिविधि की तैयारी में प्रशिक्षित किया गया था।

बयान के अनुसार, यह रणनीतिक आरंभिक प्रयास रोकथाम एवं नियंत्रण उपायों को सुनिश्चित करने में ग्राम पंचायतों का समर्थन हासिल करने के लिहाज से तथा अपने कार्यों को बिना किसी बाधा के आरंभ करने में आशा कार्यकर्ताओं तथा अन्य अग्रिम पंक्ति की कार्यकर्ताओं की सहायता के लिए प्रमुख केंद्र बिन्दु था।

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