नयी दिल्ली, चार नवंबर दिल्ली में वायु गुणवत्ता संकट के बीच प्रदूषण को लेकर सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी और विपक्षी भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शनिवार को तेज हो गया।
आप ने राष्ट्रीय राजधानी में लोगों के सामने आए संकट के लिए भाजपा शासित हरियाणा को जिम्मेदार ठहराया, जबकि भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को लिखे पत्र में कहा कि अब समय आ गया है कि आरोप-प्रत्यारोप का खेल बंद किया जाए और लोगों की सुरक्षा के लिए कदम उठाए जाएं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सर्दियों के दौरान शहर में ‘जहरीली’ वायु गुणवत्ता की वार्षिक समस्या के लिए केजरीवाल सरकार का “संवेदनहीन और ओछा रवैया” जिम्मेदार है।
हरियाणा में मनोहर लाल खट्टर सरकार पर निशाना साधते हुए आप की मुख्य प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने कहा, “उन्होंने पराली प्रबंधन के लिए कुछ नहीं किया है। अगर खट्टर सरकार चाहे तो हम पंजाब से अपने विशेषज्ञ भेज सकते हैं जो उन्हें मार्गदर्शन दे सकते हैं कि पराली निस्तारण के लिए कहां मशीनों की जरूरत है।”
उन्होंने कहा कि देश के 52 सबसे प्रदूषित जिलों में से 20 हरियाणा में हैं। कक्कड़ ने कहा कि यहां तक कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी शिकायत की कि जब वह गाजियाबाद पहुंचे तो उनकी आंखों में खुजली हो रही थी। कक्कड़ ने दावा किया कि प्रदूषित हवा हरियाणा से आ रही है।
उन्होंने कहा, “दिल्ली सरकार समस्याओं को सीधे सुलझाने में विश्वास रखती है, यही कारण है कि 40 स्थानों पर निगरानी की जाती है, लेकिन हरियाणा सरकार ऐसा नहीं कर रही है।”
आप नेता ने कहा कि पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं में 50-67 प्रतिशत की कमी आई है, हालांकि राज्य का भौगोलिक क्षेत्र जहां धान उगाया जाता है, हरियाणा की तुलना में दोगुना है।
उन्होंने दावा किया, “दिल्ली में अधिकांश प्रदूषण हरियाणा से आता है क्योंकि पंजाब में पराली जलाने का केंद्र 500 किलोमीटर दूर है, जबकि हरियाणा के मामले में यह केवल 129 किलोमीटर दूर है।”
दिल्ली भाजपा सचिव हरीश खुराना ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि वह ऐसे समय में छत्तीसगढ़ में “राजनीतिक पर्यटन” में व्यस्त हैं जब लोगों को दिल्ली में उनकी जरूरत है।
खुराना ने दावा किया कि आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि पंजाब में पराली जलाने की घटनाएं हरियाणा की तुलना में बहुत अधिक हैं।
उन्होंने दावा किया, “एक नवंबर को पंजाब में पराली जलाने की 1,921 घटनाएं हुईं, जबकि पूरे अक्टूबर में हरियाणा में खेतों में आग लगने की 1,296 घटनाएं दर्ज की गईं।”
उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ चुनावी राज्यों में दौरा कर रहे केजरीवाल को उनसे उनके राज्य में खेतों की आग पर काबू पाने के लिए कहना चाहिए क्योंकि दिल्ली में लोगों का दम घुट रहा है।
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