देश की खबरें | अरुणाचल के मंत्री ने आईटीआई प्रशिक्षुओं के लिए आधुनिक शिक्षण विधियों की आवश्यकता पर बल दिया

ईटानगर, 24 फरवरी अरुणाचल प्रदेश के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री न्यातो दुकाम ने सोमवार को शिक्षण विधियों और अध्यापन कला को आधुनिक बनाने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि उन्हें उद्योग जगत की मांग के अनुरूप बनाया जा सके, विशेष रूप से राज्य के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के प्रशिक्षुओं के लिए।

आधिकारिक बयान में कहा गया कि उन्होंने सोमवार को यहां राज्य सरकार द्वारा कोलकाता स्थित केंद्रीय कर्मचारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (सीएसटीएआरआई) और हावड़ा के राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (एनएसटीआई) के सहयोग से आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण (टीओटी) का उद्घाटन किया।

उद्घाटन समारोह में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए दुकाम ने उभरती प्रौद्योगिकियों में कौशल की बढ़ती आवश्यकता पर प्रकाश डाला तथा एक मजबूत कौशल पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

उन्होंने उद्यमशीलता को बढ़ावा देने और रोजगार सृजन के महत्व पर भी बल दिया।

दुकाम ने आईटीआई प्रशिक्षकों से आग्रह किया कि वे प्रशिक्षुओं को केवल सरकारी नौकरियों पर निर्भर रहने के बजाय अपने-अपने व्यवसायों में स्वरोजगार के अवसर तलाशने के लिए प्रोत्साहित करें।

मंत्री ने यह भी इच्छा जताई कि प्रशिक्षक विभिन्न राज्यों में अनुभव प्राप्त करें और अरुणाचल प्रदेश में उस सीख को लागू करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की पहल एक बड़ा पारिस्थितिकी तंत्र बनाने की दिशा में सही दिशा में उठाया गया कदम है।

राज्य कौशल विकास एवं उद्यमिता आयुक्त सौगत बिस्वास ने पारंपरिक कौशल तकनीकों को आधुनिक तरीकों में बदलने में सीएसटीएआरआई की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।

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