ईटानगर, 15 मई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अरुणाचल प्रदेश इकाई के नेताओं ने उच्चतम न्यायालय के उस फैसले का स्वागत किया जिसमें पार्टी विधायक दासंगलू पुल को 2019 में अंजाव जिले की हयुलियांग सीट से उनके निर्वाचन पर अंतरिम राहत दी गई है।
गुवाहाटी उच्च न्यायालय की ईटानगर पीठ ने उनके निर्वाचन को इस साल 25 अप्रैल को अमान्य घोषित कर दिया था।
उच्चतम न्यायालय में न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति संजय करोल की पीठ ने विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई करते हुए पुल को 12 मई को अंतरिम राहत दी। साथ ही पीठ ने मामले में अगली सुनवाई छह सितंबर को सूचीबद्ध की।
अरुणाचल पूर्व क्षेत्र से लोकसभा सदस्य तपीर गाओ ने कहा कि एक लोकतांत्रिक देश में सभी को शिकायत करने और अदालत से न्याय मांगने का अधिकार है। भाजपा सांसद ने कहा, ‘‘हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। हमें विश्वास है कि उन्हें उचित न्याय मिलेगा।’’
पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष बियुराम वाघे ने भी उम्मीद जताई कि अगली सुनवाई में विधायक को न्याय मिलेगा। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी पार्टी ने हमेशा न्यायपालिका में विश्वास जताया है। हम अदालत के फैसले का स्वागत करते हैं।’’
भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष तार तारक ने भी अदालत के फैसले का स्वागत किया।
गुवाहाटी उच्च न्यायालय की ईटानगर पीठ ने 25 अप्रैल को जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत हयुलियांग से पुल के निर्वाचन को अमान्य घोषित कर दिया था।
पूर्व मुख्यमंत्री कलिखो पुल की तीसरी पत्नी दासंगलू पुल (45) अपने पति की मृत्यु के बाद 2016 में हुए उपचुनाव में इस सीट से पहली बार जीत दर्ज करने के बाद 2019 में इस सीट से फिर चुनी गई थीं।
वर्ष 2019 के चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार रहे लुपलम क्री ने पुल के निर्वाचन को चुनौती देते हुए अदालत में याचिका दायर की थी। 2019 के चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार की इस सीट पर हार हुई थी।
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