नयी दिल्ली, छह अप्रैल प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रविवार को कहा कि उसने कर्नाटक भोवी विकास निगम (केबीडीसी) में कथित अनियमितताओं से संबंधित धनशोधन मामले में छापेमारी के बाद विभाग के पूर्व महाप्रबंधक को गिरफ्तार किया है।
संघीय जांच एजेंसी ने एक बयान में बताया कि पूर्व महाप्रबंधक बी.के. नागराजप्पा को पांच अप्रैल को हिरासत में लिया गया था तथा बेंगलुरु में विशेष धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) से संबंधित एक अदालत ने उन्हें 14 दिनों के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया।
धनशोधन का यह मामला कर्नाटक पुलिस द्वारा दर्ज की गई कई प्राथमिकियों पर आधारित है, जिनमें केबीडीसी के 97 करोड़ रुपये का ‘दुरुपयोग और हेराफेरी करने’ का आरोप लगाया गया है। यह धनराशि भोवी समुदाय के कल्याण के लिए थी। यह समुदाय कर्नाटक की अनुसूचित जाति सूची में शामिल है।
ईडी ने चार अप्रैल को मामले में विभिन्न आरोपियों से संबद्ध परिसरों और बेंगलुरु के वी.वी. टॉवर स्थित केबीडीसी के कार्यालय की तलाशी ली थी।
निदेशालय ने आरोप लगाया है कि नागराजप्पा ने भोवी समुदाय के एजेंटों द्वारा उपलब्ध कराए गए ‘फर्जी’ लाभार्थियों के बैंक खातों के माध्यम से केबीडीसी से धनराशि की हेराफेरी में ‘महत्वपूर्ण’ भूमिका निभायी थी।
नागराजप्पा के कानूनी प्रतिनिधि से उनके खिलाफ लगे आरोपों पर प्रतिक्रिया के लिए संपर्क नहीं किया जा सका।
ईडी के अनुसार, आरोपी केबीडीसी खातों से फर्जी संस्थाओं और लाभार्थियों के खातों में धनराशि पहुंचाने में कामयाब रहे। फिर उन्होंने उसे आरोपी के मित्रों और परिवार के सदस्यों को अंतरित कर दिया गया।
छापेमारी के दौरान ईडी ने दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और संपत्तियों के ब्योरे वाले कागजात जब्त किये।
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