गोपेश्वर (उत्तराखंड), 14 अप्रैल गढ़वाल स्थित हिमालय की श्रृंखलाओं में 15,200 फीट पर बने विश्व के सर्वाधिक ऊंचे गुरूद्वारे हेमकुंड साहिब के रास्ते पर पड़ी बफ को हटाने के लिए बृहस्पतिवार को भारतीय सेना की टुकड़ी गोविंदघाट से रवाना की गई ।
हेमकुंड साहिब की अगले महीने 22 तारीख को यात्रा शुरू हो रही है।
गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के तत्वावधान में गोविंद घाट गुरूद्वारा पहुंची भारतीय सेना की टुकड़ी की अगवानी की गई और अरदास के बाद उसे गुरूद्वारा के निकट घांघरिया के लिए रवाना किया गया।
सूबेदार जगसीर सिंह एवं हवलदार मल्कीत सिंह के नेतृत्व में बर्फ़ हटाने के लिए गयी सेना की टुकड़ी के साथ ट्रस्ट के सेवादार भी गए हैं। मार्ग खोले जाने का दायित्व हमेशा से ही भारतीय सेना ही निभाती आयी है।
यह दल यात्रा प्रारम्भ होने से पहले पैदल मार्ग को आवागमन योग्य बनायेगी। हेमकुंड साहिब गुरूद्वारा की 18 किलोमीटर की पैदल यात्रा गोविंदघाट से शुरू होती है।
गोविंद घाट गुरुद्वारा के प्रबंधक सेवा सिंह ने बताया कि सभी जवानों का इस कार्य के लिए अभिनंदन कर आभार व्यक्त किया गया।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष यात्रा 22 मई से प्रारंभ हो रही है और चमोली के जिलाधिकारी हिमांशु खुराना के दिशानिर्देश अनुसार यात्रा को सुगम बनाने के लिए सभी विभागों ने कार्य आरंभ कर दिए हैं।
सिंह ने बताया कि यात्रा के लिए यात्री निरंतर पूछताछ कर रहे हैं और इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि इस वर्ष यात्रा पर बहुत बड़ी संख्या में श्रद्धालु आएंगे।
सं दीप्ति
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