विदेश की खबरें | सीरिया में सशस्त्र समूह बच्चों को कर रहे हैं भर्ती, जबकि लड़ाई में हो रही कमी
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

संयुक्त राष्ट्र ने मंगलवार को जारी रिपोर्ट में कहा है कि सशस्त्र समूह द्वारा बच्चों को भर्ती करने की संख्या में बीते तीन वर्ष में वृद्धि हुई है। उसके मुताबिक, 2020 में 813 बच्चों को इन समूहों में भर्ती किया था जबकि 2021 में 1296 और 2022 में 1696 बच्चों को भर्ती किया गया।

संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, बच्चों को कथित रूप से भर्ती कर रहे समूहों में इस्लामिक स्टेट चरमपंथियों के खिलाफ लड़ाई में अमेरिका का सहयोगी कुर्दिश नीत ‘सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज़’ (एसडीएफ) भी शामिल है।

रिपोर्ट के अनुसार संयुक्त राष्ट्र ने पुष्टि की है कि तुर्किये समर्थित ‘सीरियन नेशनल आर्मी’ ने 611 बच्चों की भर्ती की है जबकि अल-कायदा से जुड़े ‘हयात ताहिरर अल शाम’ ने उत्तर पश्चिमी सीरिया में 383 बच्चों को भर्ती किया है।

रिपोर्ट में सीरियाई सरकार के बलों और सरकार समर्थित मिलिशिया द्वारा बच्चों को भर्ती करने के 25 मामलों का जिक्र है।

स्वतंत्र नागरिक संगठन ‘सीरियन्स फॉर ट्रूथ एंड जस्टिस’ के कार्यकारी निदेशक बस्साम अल अहमद ने कहा कि पूरे सीरिया में बच्चों को भर्ती किया जा रहा है।

वर्ष 2019 में एसडीएफ ने संयुक्त राष्ट्र के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर कर 18 वर्ष से कम आयु के युवकों को भर्ती न करने का वादा किया था और अपने क्षेत्रों में कई बाल संरक्षण दफ्तर स्थापित किए थे।

अमेरिका के विदेश विभाग ने एक बयान जारी अपने सहयोगी का बचाव करते हुए कहा कि एसडीएफ सीरिया का एक मात्र सशस्त्र समूह है जिसने ‘बाल सैनिकों’ का इस्तेमाल बंद करने के संयुक्त राष्ट्र के आह्वान पर प्रतिक्रिया दी थी।

एसडीएफ से संबद्ध स्थानीय प्रशासन द्वारा संचालित एक बाल संरक्षण दफ्तर की प्रवक्ता नोदेम शेरो ने माना कि एसडीएफ के कब्जे वाले इलाकों में बच्चों की भर्ती जारी है।

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