देश की खबरें | एनसीएलएटी के आदेश के खिलाफ नितिन देसाई की पत्नी की अपील शीर्ष अदालत ने खारिज की

नयी दिल्ली, 16 सितंबर उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रीय कंपनी विधि अपील अधिकरण (एनसीएलएटी) के एक आदेश के खिलाफ बॉलीवुड के दिवंगत कला निर्देशक नितिन देसाई की पत्नी नैना देसाई की अपील खारिज कर दी है। एनसीएलएटी ने नितिन देसाई की कंपनी के खिलाफ दिवालिया कार्यवाही शुरू करने के राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण (एनसीएलटी) के आदेश के खिलाफ उनकी अपील खारिज कर दी थी।

न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति एस वी एन भट्टी की पीठ ने 11 सितंबर के अपने आदेश में कहा, ‘‘हमें उक्त फैसले में हस्तक्षेप करने का कोई उचित आधार और कारण नहीं मिला, इसलिए अपील खारिज की जाती है।’’

एक अगस्त को, एनसीएलएटी ने 25 जून के एनसीएलटी के आदेश के खिलाफ नितिन देसाई की अपील खारिज कर दी थी, जिसके द्वारा उनकी कंपनी के खिलाफ कॉर्पोरेट दिवाला कार्यवाही शुरू की गई थी और दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता के तहत एक ‘इंटेरिम रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल (अंतरिम समाधान पेशेवर)’ (आईआरपी) नियुक्त किया गया था।

'हम दिल दे चुके सनम' और 'लगान' जैसी फिल्मों के लिए सेट बनाने वाले प्रसिद्ध कला निर्देशक देसाई का शव 2 अगस्त को मुंबई के पड़ोसी रायगढ़ जिले में उनके स्टूडियो में फंदे से लटका हुआ मिला था।

राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण (एनसीएलटी) की मुंबई पीठ ने जितेंद्र कोठारी को आईआरपी नियुक्त किया था और देसाई की कंपनी एनडीज आर्ट वर्ल्ड प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया शुरू की थी।

देसाई की कंपनी ने ऋणदाताओं को 252 करोड़ रुपये का कर्ज नहीं चुकाया था। कंपनी ने 2016 और 2018 में ईसीएल फाइनेंस से दो ऋणों के माध्यम से 185 करोड़ रुपये उधार लिए थे और पुनर्भुगतान को लेकर दिक्कत जनवरी 2020 से शुरू हुई थी। ईसीएल फाइनेंस एडलवाइस समूह की गैर-बैंकिंग वित्त शाखा है।

जून 2022 तक ब्याज सहित बकाया राशि 252 करोड़ रुपये हो गई।

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