जरुरी जानकारी | विमानन सुरक्षा विशेषज्ञ ने नौ साल पहले ही कोझिकोड के रनवे को लेकर जताई थी चिंता

मुंबई, आठ अगस्त विमानन क्षेत्र के एक सुरक्षा विशेषज्ञ ने करीब नौ साल पहले 2011 में ही चेताया था कि कोडिकोड हवाईअड्डे के रनवे-10 पर बारिश में उतरते विमान की दिशा में बहती हवा की स्थिति में यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती है।

कैप्टन मोहन रंगनाथन ने जून, 2011 में तत्कालीन नागर विमानन सचिव नसीम जैदी को पत्र लिखकर इस हवाई पट्टी को लेकर अपनी चिंता जताई थी। रंगनाथन उस समय नागर विमानन सुरक्षा सलाहकार समिति (सीएएसएसी) में परिचालन समूह के सदस्य थे।

यह भी पढ़े | Sushant Singh Rajput Case: रिया चक्रवर्ती के भाई शौविक चक्रवर्ती ED के ऑफिस पहुंचे.

एयर इंडिया एक्सप्रेस का एक विमान शुक्रवार को कोझिकोड हवाईअड्डे पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें दो पायलटों सहित 18 लोग मारे गए। इस हादसे के मद्देनजर रंगनाथन की यह चेतावनी काफी महत्वपूर्ण हो जाती है। दुबई से आया बोइंग 737-800 विमान भारी बारिश में रनवे से फिसल गया और दो खंड हो गया।

पत्र में रंगनाथन ने कहा था, ‘‘यदि खतरे के बावजूद पायलट बारिश और अनुकूल हवा की स्थिति में विमान उतारने को तैयार होते हैं, तो एप्रोच एंड लैंडिंग एक्सिडेंट रिडक्शन (एएलएआर) यानी विमान उतरते समय दुर्घटना रोकने को लेकर उनकी समझ काफी कमजोर है।

यह भी पढ़े | 7th Pay Commission: शानदार वेतन के साथ होगा अद्भुत करियर! फटाफट यहां से करें अप्लाई.

मेंगलूर हवाईअड्डे पर 2010 में एयर इंडिया एक्सप्रेस के विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद रंगनाथन ने यह पत्र लिखा था। इस हादसे में 158 लोग मारे गए थे।

रंगनाथन ने लिखा था, ‘‘रनवे-10 पर बारिश में अनुकूल हवा की स्थिति में उतरने वाली उड़ानें यात्रियों की जान खतरे में डालने वाली हैं।’’ ऐसी परिस्थिति में उतरते समय विमान का कोण या दिशा प्रभावित हो सकती है।

एनडीटीवी की वेबसाइट पर कोडिकोड हवाईअड्डे पर हुई दुर्घटना के बारे में रंगनाथन से हवाले से कहा गया है कि रनवे की ढलान खड़ी और नीचे की ओर है। उसके आसपास कोई सुरक्षा क्षेत्र नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘नौ साल पहले उन्हें चेताया गया था, लेकिन उन्होंने हवाईअड्डे को सुरक्षित घोषित कर दिया और परिचालन जारी रखा।’’

रंगराथन ने कहा, ‘‘यदि हादसे में किसी की जान गई है, तो यह हत्या है। यह एक अपराध है।’’

केरल का कोझिकोड हवाईअड्डा भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के अंतर्गत आता है। इस हवाईअड्डे पर टेबलटॉप हवाई पट्टी है।

रंगनाथन के पत्र पर उस समय क्या कार्रवाई हुई थी, इसकी जानकारी नहीं मिल सकी है।

अजय

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)