विदेश की खबरें | एम्सटर्डम की मेयर ने दास प्रथा में शहर के पूर्व गवर्नर की भूमिका के लिए माफी मांगी

एम्सटर्डम शहर के निर्माताओं की दास कारोबार में भूमिका को लेकर लंबे समय से बहस होती रही है। लेकिन अमेरिका के मिनियापोलिस में अश्वेत जॉर्ज फ्लॉइड की मौत के बाद नस्ली अन्याय को लेकर वैश्विक स्तर पर बड़ी बहस छिड़ने के बीच इस शहर के इतिहास पर चर्चा को बल मिला।

मेयर फेमके हेल्सेमा ने कहा, ‘‘वक्त आ गया है कि हमारे शहर की पहचान में औपनिवेशिक काल के दास कारोबार का अन्याय भी दर्ज हो।’’ उन्होंने माफी मांगते हुए कहा, ‘‘ क्योंकि हम उन लोगों का भी प्रतिनिधित्व करना चाहते हैं जिनके लिए अतीत दर्दनाक है और उसकी विरासत एक बोझ है।’’

हालांकि उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एम्सटर्डम के किसी भी जीवित नागरिक को अतीत के लिए दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

नीदरलैंड की सरकार ने पूर्व में भी दास कारोबार में देश की भूमिका को लेकर अफसोस जताया था लेकिन औपचारिक तौर पर माफी नहीं मांगी। प्रधानमंत्री मार्क रूट ने पिछले साल कहा था कि इस तरह की माफी से समाज का ध्रुवीकरण हो सकता है।

हाल के महीनों में इस विषय पर चर्चा करने वाले एक स्वतंत्र आयोग ने बृहस्पतिवार को एक रिपोर्ट जारी करते हुए सरकार को माफी मांगने की सलाह दी और कहा कि इससे इतिहास के जख्मों से उबरने में मदद मिलेगी। हेल्सेमा ने कहा कि इतिहास का काला धब्बा वर्तमान पर कुंडली मारकर बैठा है। उन्होंने अपना भाषण यह कहते हुए समाप्त किया कि वह अतीत की घटनाओं को लेकर माफ़ी मांगती हैं।

इस मौके पर वहां मौजूद अतिथियों ने इसका तालियों से स्वागत किया।

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