खेल की खबरें | भारत के अमित खत्री ने विश्व अंडर 20 एथलेटिक्स में रजत जीता

नैरोबी , 21 अगस्त भारत के अमित खत्री ने सांस लेने की परेशानी से उबरते हुए शनिवार को यहां विश्व अंडर 20 एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में पुरूषों की दस किलोमीटर पैदलचाल में रजत पदक जीत लिया।

यह भारत का चैम्पियनशिप के इस चरण में दूसरा पदक है, बुधवार को प्रतियोगिता के पहले दिन चार गुणा 400 मीटर मिश्रित रिले टीम ने कांस्य पदक जीता था ।

खत्री ने 42 : 17 . 94 मिनट का समय निकाला । वह कीनिया के हेरिस्टोन वेनिओनी से पीछे रहे जिन्होंने 42 : 10 . 84 मिनट में स्वर्ण पदक जीता । खत्री शुरू से बढ़त बनाये हुए थे लेकिन आखिरी दो चक्कर में कीनियाई धावक ने उन्हें पछाड़ दिया ।

स्पेन के पॉल मैकग्रा को कांस्य पदक मिला ।

एक और पदक की दावेदार प्रिया मोहन ने महिलाओं की 400 मीटर स्पर्धा के फाइनल में 52.77 सेकेंड के समय से व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय निकाला लेकिन पोडियम स्थान हासिल नहीं कर सकीं जिसमें वह 0.54 सेकेंड से चूक गयीं।

खत्री का रजत पदक अंडर-20 विश्व चैम्पियनशिप में किसी भारतीय का पैदल चाल में पहला और कुल छठा पदक है।

उनसे पहले अंडर-20 विश्व चैम्पियनशिप में सीमा अंतिल (2002 में चक्का फेंक में कांस्य), नवजीत कौर ढिल्लों (2014 में चक्का फेंक में कांस्य), ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा (2016 में भाला फेंक में स्वर्ण) और हिमा दास (2018 में 400 मीटर में स्वर्ण) चार पदक विजेता थे जबकि मौजूदा सत्र में मिश्रित चार गुणा 400 मीटर रिले टीम ने बुधवार को कांस्य पदक जीता था।

रोहतक के खत्री ने अपनी रेस के बाद कहा, ‘‘मैंने इस नतीजे की उम्मीद नहीं की थी, पर मैं रजत पदक से खुश हूं। मैं परिस्थितियों से सामंजस्य बिठाने पांच दिन पहले यहां आ गया था, लेकिन ऊंचाई से मुझ पर असर पड़ा। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘रेस में कहीं कहीं मैं सही से सांस नहीं ले पा रहा था लेकिन मैं अपने रजत पदक से खुश हूं। ’’

यह इस युवा एथलीट का पहला अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट था।

उनके कोच चंदन सिंह ने कहा, ‘‘अमित ज्यादातर रेस में आगे चल रहा था लेकिन कीनिया के एथलीट ने अचानक एक-डेढ़ लैप पहले बढ़त ले ली। अमित स्वर्ण पदक जीत सकता था लेकिन ऊंचे इलाके से असर पड़ा। कीनियाई एथलीट इस तरह की घरेलू परिस्थितियों में ट्रेनिंग कर रहा था जिससे उसे फायदा मिला। ’’

अन्य स्पर्धाओं में बलजीत कौर ने महिलाओं की 10,000 मीटर पैदल चाल स्पर्धा में 48:58.15 मिनट से व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया लेकिन वह सातवें स्थान पर रहीं।

पुरूषों की 400 मीटर बाधा दौड़ के सेमीफाइनल में रोहन कांबले अपनी हीट में 52.88 सेकेंड के समय से सातवें स्थान पर रहे और फाइनल में जगह नहीं बना सके।

पुरूषों की चार गुणा 400 मीटर रिले में सीआर अब्दुल रज्जाक, सुमित चहल, कपिल और भरत श्रीधर की चौकड़ी सत्र के अपने सर्वश्रेष्ठ समय के बावजूद अपनी हीट में छठे स्थान पर रही। टीम ने 3:10.62 सेकेंड का समय निकाला।

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