बेंगलुरु, 22 मार्च कर्नाटक के बेलगावी में पिछले महीने एक सरकारी बस कंडक्टर पर कथित तौर पर मराठी नहीं आने के कारण किए गए हमले के विरोध में कन्नड़ समर्थक समूहों द्वारा आहूत सुबह से शाम तक का राज्यव्यापी बंद शनिवार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया।
बंद के दौरान पुलिस द्वारा व्यापक प्रबंध किये गये थे जिसके कारण बंद के दौरान अप्रिय घटना नहीं हुई।
बंद से पहले, कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करने की अपील की तथा चेतावनी दी कि कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने या तोड़फोड़ करने के किसी भी प्रयास से सख्ती से निपटा जाएगा।
राज्य के कई हिस्सों में कन्नड़ समर्थक समूहों ने सड़कों पर विरोध प्रदर्शन किया और उन्होंने दुकानदारों से सहयोग करने तथा इस मुद्दे को समर्थन देने की अपील की। लेकिन अधिकतर दुकानें हमेशा की तरह खुली रहीं।
बेंगलुरु में कार्यकर्ता मैसूरू बैंक चौक पर एकत्र हुए और हाथों में तख्तियां लेकर नारे लगाए।
कुछ प्रदर्शनकारियों ने मैजेस्टिक में बीएमटीसी और केएसआरटीसी बस स्टैंड पर विरोध प्रदर्शन किया और बस चालकों एवं कंडक्टरों से बंद का समर्थन करने का आग्रह किया। जैसे ही उनका आंदोलन तेज हुआ, पुलिस ने उन्हें एहतियातन हिरासत में ले लिया।
आंदोलन का नेतृत्व करते हुए, कन्नड़ चलावली (वटल पक्ष) के संयोजक वटल नागराज ने मैजेस्टिक में प्रदर्शन किया।
उन्होंने बंद को सफल बताते हुए दावा किया कि बस स्टैंड पर कोई नहीं था, कई दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं और कई ऑटोरिक्शा चालक सड़कों से नदारद रहे।
मैसूरू में कन्नड़ समर्थक कुछ कार्यकर्ताओं ने बस स्टैंड पर बसों को रोककर धरना दिया। उन्होंने बेंगलुरु और राज्य के अन्य भागों की ओर जाने वाली बसों को रोकने के लिए निकास द्वार के पास धरना दिया।
मैसूरू में केएसआरटीसी की एक बस को रोकने का प्रयास करने पर कुछ कन्नड़ समर्थक कार्यकर्ताओं को एहतियातन हिरासत में ले लिया गया।
इसी तरह का प्रदर्शन दावणगेरे में भी हुआ, जहां प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए।
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