नयी दिल्ली, पांच नवंबर मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) सुनील अरोड़ा ने बृहस्पतिवार को कहा कि कोरोना वायरस महामारी के बीच बिहार विधानसभा चुनाव कराने को लेकर तमाम आशंकाएं जतायी जा रही थीं लेकिन इसके बावजूद मतदान के दो चरणों के पूरे होने साथ अब तक की स्थिति काफी अच्छी है।
उन्होंने कहा कि 28 अक्टूबर और तीन नवंबर को हुए मतदान का प्रतिशत उन क्षेत्रों में 2015 के विधानसभा चुनावों और 2019 के लोकसभा चुनावों की तुलना में अधिक था।
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अरोड़ा ने ‘इंटरनेशनल वर्चुअल इलेक्शन विजिटर प्रोग्राम’ के उद्घाटन के मौके पर कहा कि आयोग ने महामारी के बीच राज्यसभा चुनाव करा कर पहले स्थिति का आकलन किया और इससे उत्साहित होकर उसने बिहार में विधानसभा चुनाव कराने का फैसला किया।
उन्होंने कहा, ‘‘संशयवादियों की कोई कमी नहीं थी...तमाम तरह की आशंकाएं व्यक्त कर रहे थे... लेकिन हम अब तक अच्छी स्थिति में हैं।"
अरोड़ा ने कहा कि बिहार चुनावों ने दिखा दिया है कि दुनिया भर के चुनाव प्रबंधन निकाय चुनाव करा सकते हैं।
इस महामारी के कारण करीब 60 देशों ने चुनाव स्थगित कर दिया था। बाद में, श्रीलंका, दक्षिण कोरिया, क्रोएशिया और मंगोलिया सहित कई देशों में चुनाव कराए गए।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि चुनाव आयोग सभी चुनावों के लिए सावधानीपूर्वक योजना बनाता है, लेकिन इस बार कोरोना वायरस के "नए आयाम" के कारण अधिक चुनौतियां थीं।
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