देश की खबरें | सूचना प्रौद्योगिकी नियमों में संशोधन को वापस लिया जाए : एनबीडीए

नयी दिल्ली, 23 जनवरी न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एंड डिजिटल एसोसिएशन (एनबीडीए) ने सोमवार को सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियमों के संशोधनों के मसौदे को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि इसने सरकार को मीडिया की अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकारों में हस्तक्षेप करने का ‘‘बेरोकटोक’’ अधिकार दिया है।

एनबीडीए ने एक बयान में कहा कि प्रस्तावित संशोधन सीधे समाचार मीडिया को प्रभावित करेंगे क्योंकि पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) या किसी अन्य एजेंसी द्वारा मध्यस्थ संस्थानों को न्याय के प्राकृतिक सिद्धांतों का पालन किए बिना कथित फर्जी समाचार सामग्री को हटाने के लिए मजबूर या निर्देशित किया जा सकता है।

पिछले हफ्ते, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) ने सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशा-निर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 में संशोधित मसौदा संशोधन जारी किया था। इसमें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को पीआईबी की फैक्ट चेकिंग इकाई द्वारा फर्जी चिह्नित किए जाने वाले समाचार या सूचना को हटाने के लिए निर्देश देने का प्रावधान है।

एनबीडीए ने एमईआईटीवाई से संशोधन वापस लेने का आग्रह करते हुए कहा, ‘‘उपरोक्त नियम में संशोधन पीआईबी और केंद्र सरकार को बिना किसी जांच के डिजिटल समाचार सामग्री को विनियमित करने के लिए बेरोकटोक अधिकार देता है।’’

एनबीडीए ने कहा कि समाचार मीडिया को विनियमित करने के लिए पर्याप्त कानून, विनियम और वैधानिक निकाय हैं तथा इस तरह के संशोधन से सरकार द्वारा अत्यधिक विनियमन होगा जो ‘‘न तो वांछनीय और न ही स्वीकार्य’’ है। एनबीडीए ने कहा, ‘‘संविधान में इस तरह की सेंसरशिप की परिकल्पना नहीं की गई है।’’

मीडिया निकायों एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया, प्रेस एसोसिएशन और डिजीपब फाउंडेशन ऑफ इंडिया ने भी सरकार से संशोधन को वापस लेने का आग्रह किया है।

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