गांधीनगर, 28 जुलाई चिप बनाने वाली अमेरिकी कंपनी एडवांस्ड माइक्रो डिवाइसेज (एएमडी) ने भारत में अगले पांच साल में 40 करोड़ डॉलर का निवेश करने की शुक्रवार को घोषणा की और कहा कि वह बेंगलुरु में अपना सबसे बड़ा डिजाइन केंद्र स्थापित करेगी।
एएमडी के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (सीटीओ) मार्क पेपरमास्टर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में सेमीकंडक्टर सम्मेलन में यह घोषणा की।
वहीं वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने शुक्रवार को कहा कि सेमीकंडक्टर परियोजना के पहले चरण में कुल 20 अरब डॉलर के व्यय में पांच अरब डॉलर का निवेश शामिल होगा और उनकी परियोजना ढाई साल में पूरी हो जाएगी।
इस महीने की शुरुआत में ताइवान स्थित फॉक्सकॉन, वेदांता के साथ 19.5 अरब अमेरिकी डॉलर के सेमीकंडक्टर संयुक्त उद्यम से हट गई थी। फॉक्सकॉन एप्पल के लिए आपूर्ति करती है।
फॉक्सकॉन के चेयरमैन यंग लियू ‘सेमीकॉन इंडिया 2023’ में कहा कि वह भारत में सेमीकंडक्टर मसौदे के भविष्य को लेकर आशावादी हैं। उन्होंने कहा कि ताइवान भारत का सबसे भरोसेमंद भागीदार है और हमेशा रहेगा।
लियू ने यहां 'सेमीकॉन इंडिया 2023' सम्मेलन में कहा कि ''आइए साथ मिलकर यह काम करें। भारत में चिप के लिए एक परिवेश बनाना बहुत बड़ा काम है... जहां चाह है, वहां राह है।''
लियू ने इस संबंध में भारत सरकार के दृढ़ संकल्प की सराहना करते हुए देश की सेमीकंडक्टर यात्रा पर भरोसा जताया।
काउंटरपॉइंट रिसर्च के अनुसार, भारत का चिप बाजार 2026 में लगभग 64 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है, जो 2019 की तुलना में तीन गुना अधिक होगा।
एएमडी के सीटीओ पेपरमास्टर ने कहा कि कंपनी इस साल के अंत तक बेंगलुरु में अपना नया 5,00,000 वर्ग फुट में फैला डिजाइन केंद्र परिसर खोलेगी।
वेदांता समूह के चेयरमैन अग्रवाल ने कहा कि सेमीकंडक्टर परियोजना के पहले चरण में कुल 20 अरब डॉलर के व्यय में पांच अरब डॉलर का निवेश शामिल होगा और उनकी भारत में विनिर्मित चिप ढाई साल में उपलब्ध होगी।
अग्रवाल ने कहा कि समूह भारत में सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले ग्लास के उत्पादन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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