शिमला, 19 अप्रैल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को भारतीय लेखा परीक्षा और लेखा सेवा (आईएएएस) के प्रशिक्षुओं से नागरिकों की भलाई की बात हमेशा ध्यान में रखने और अपने प्रयासों में निष्पक्षता रखने को कहा।
वह 2021 और 2022 के आईएएएस के प्रशिक्षु अधिकारियों को यहां राष्ट्रीय लेखा परीक्षा तथा लेखा अकादमी में संबोधित कर रही थीं।
मुर्मू ने कहा कि इस सर्वोच्च लेखा परीक्षा संस्थान की भूमिका केवल निरीक्षण की नहीं है, बल्कि नीति बनाने के लिए आवश्यक जानकारी देने की भी है।
उन्होंने कहा कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने भारतीय लेखा परीक्षा और लेखा विभाग तथा उसके काबिल अधिकारियों के माध्यम से इन दोनों उद्देश्यों की पूर्ति के लिए प्रभावी तरीके से काम किया है।
राष्ट्रपति ने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा, ‘‘आपका कर्तव्य है कि संविधान के आदर्शों को कायम रखें और देश निर्माण के लिए ईमानदारी एवं प्रतिबद्धता से काम करें।’’
मुर्मू ने कहा कि इससे लोक सेवाओं को तथा नागरिकों के अधिकतम लाभ के लिए इनकी आपूर्ति में सुधार में मदद मिलेगी।
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