प्रयागराज, 16 सितंबर इलाहाबाद उच्च न्यायालय विधिज्ञ संघ (एचसीबीए) के आह्वान पर इस उच्च न्यायालय के अधिवक्ता शुक्रवार को दोपहर भोजन के बाद न्यायिक कार्य से विरत रहे।
उच्च न्यायालय के अधिवक्ता उन अधिवक्ताओं को इलाहाबाद उच्च न्यायालय का न्यायाधीश बनाए जाने के प्रस्ताव के खिलाफ हैं, जो इस अदालत में वकालत नहीं कर रहे, बल्कि दिल्ली में वकालत कर रहे हैं। संघ के मुताबिक इसी मुद्दे पर शनिवार को भी कार्य का बहिष्कार जारी रहेगा।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय के कोलेजियम का यह प्रस्ताव, एचसीबीए द्वारा 16 मार्च, 2022 और 23 अगस्त, 2022 को भेजे गए प्रस्ताव के खिलाफ है, जिसमें केवल उन्हीं अधिवक्ताओं को इस अदालत का न्यायाधीश बनाए जाने का अनुरोध किया गया था जो या तो यहां या फिर इसकी लखनऊ पीठ में वकालत कर रहे हैं।
एचसीबीए ने इसे बहुत दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया कि संघ द्वारा दो प्रस्तावों भेजे जाने के बावजूद उच्चतम न्यायालय के चार वकीलों के नाम न्यायाधीश पद के लिए हाल ही में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के कोलेजियम द्वारा प्रस्तावित किए गए।
इसलिए, कोलेजियम के इस प्रस्ताव का इलाहाबाद उच्च न्यायालय के वकीलों द्वारा पुरजोर विरोध किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि लखनऊ में उच्च न्यायालय के अवध बार संघ ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के कोलेजियम द्वारा भेजे गए प्रस्ताव के खिलाफ दो दिनों के लिए न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय पहले ही ले लिया है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY