नयी दिल्ली, 17 सितंबर तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) ने रविवार को सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में आंध्र प्रदेश पुलिस द्वारा अपने नेता चंद्रबाबू नायडू की गिरफ्तारी का मुद्दा उठाया और कहा कि वह इस मामले को संसद में भी उठाएगी।
वहीं, आंध्र प्रदेश में सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस ने तेदेपा के प्रति विरोध जताया।
पांच दिवसीय संसद सत्र शुरू होने से एक दिन पहले आयोजित बैठक के बाद तेदेपा सांसद राममोहन नायडू ने कहा कि उनकी पार्टी ने चंद्रबाबू की ‘‘अवैध गिरफ्तारी’’ का मुद्दा उठाया।
उन्होंने कहा, ‘‘हम इस मुद्दे को संसद में भी उठाएंगे।’’
तेदेपा सांसद ने कहा कि उन्होंने सरकार से राजनेताओं से जुड़े आपराधिक मामलों की तेजी से सुनवाई के लिए कदम उठाने को भी कहा है।
उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी 38 आपराधिक मामलों में आरोपी हैं और पिछले नौ वर्षों से जमानत पर बाहर हैं।
तेदेपा नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसका वादा किया था और सरकार को अपना वादा पूरा करना चाहिए।
सूत्रों ने बताया कि बैठक में मौजूद वाईएसआर कांग्रेस नेताओं ने तेदेपा नेता के दावे का विरोध किया।
आंध्र प्रदेश की सत्तारूढ़ पार्टी ने इस बात पर जोर दिया है कि पूर्व मुख्यमंत्री नायडू से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में कानून ने अपना काम किया है।
तेदेपा के महासचिव नारा लोकेश ने शनिवार को कहा था कि भ्रष्टाचार के मामले में आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की गिरफ्तारी का कदम ‘‘भ्रष्ट’’ मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने उन्हें सत्ता से बाहर करने संबंधी पार्टी के लोकप्रिय अभियान को बाधित करने के लिए उठाया है।
करोड़ों रुपये के घोटाले में कथित संलिप्तता को लेकर एक अदालत द्वारा 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद नायडू वर्तमान में राजामहेंद्रवरम की एक जेल में बंद हैं।
चंद्रबाबू नायडू को कौशल विकास निगम से धन के कथित दुरुपयोग से जुड़े धोखाधड़ी मामले में नौ सितंबर को गिरफ्तार किया गया था, जिससे राज्य सरकार को 300 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।
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