छत्रपति संभाजीनगर (महाराष्ट्र), 31 मार्च पूर्व सांसद और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के नेता इम्तियाज जलील ने सोमवार को मांग की कि महाराष्ट्र के बीड जिले में एक मस्जिद के अंदर जिलेटिन की छड़ें रखने और विस्फोट करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए दो लोगों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम लगाया जाना चाहिए।
गुड़ी पड़वा और रमजान ईद समारोह से पहले रविवार की सुबह जियोराई तहसील के अर्ध मसला गांव में एक मस्जिद में विस्फोट हुआ। घटना में कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन विस्फोट में ढांचे के अंदरूनी हिस्से को नुकसान पहुंचा।
कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस ने धार्मिक ढांचे को उड़ाने की कोशिश के आरोप में विजय राम गव्हाने (22) और श्रीराम अशोक सागड़े (24) को गिरफ्तार कर लिया।
छत्रपति संभाजीनगर में ईद की नमाज के बाद जलील ने पत्रकारों से बातचीत में मांग की कि दोनों आरोपियों के खिलाफ सख्त यूएपीए लगाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर कोई मुसलमान छोटी सी घटना के लिए भी जिम्मेदार होता है तो उसके घर को बुलडोजर से गिरा दिया जाता है। लेकिन अगर हमारे धार्मिक स्थल को विस्फोटक का इस्तेमाल करके नुकसान पहुंचाया जाता है तो यूएपीए लागू नहीं होता। कानून सभी के लिए समान होना चाहिए।’’
उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
उन्होंने कहा, ‘‘हम मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई का स्वागत करते हैं। लेकिन यूएपीए लगाया जाना चाहिए।’’
जलील ने नागपुर में हिंसा के लिए गिरफ्तार किए गए आरोपियों के घर को ध्वस्त करने की भी आलोचना की।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर आरोपी ने कुछ गलत किया है, तो उसके परिवार का क्या दोष है? अब कहा जा रहा है कि घर अतिक्रमण करके बनाया गया था। क्या स्थानीय प्रशासन इतने सालों से सो रहा था?’’
बीड पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि बीड मस्जिद मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों को तीन अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
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