नयी दिल्ली, चार मार्च दिल्ली उच्च न्यायालय ने 3,600 करोड़ रुपये के अगस्ता वेस्टलैंड धन शोधन मामले में कथित बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल जेम्स को मंगलवार को जमानत दे दी।
न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने 28 फरवरी को मिशेल की जमानत याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया था।
इससे पहले उच्चतम न्यायालय ने 18 फरवरी को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के एक संबंधित मामले में ब्रिटिश नागरिक मिशेल को जमानत दे दी थी।
जांच एजेंसियों ने इतालवी विनिर्माण कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड से 12 वीवीआईपी हेलीकॉप्टर की खरीद में अनियमितताओं का आरोप लगाया था।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के वकील ने मिशेल की याचिका का विरोध करते हुए कहा कि धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जमानत दिए जाने के लिए वह शर्तों को पूरा नहीं करता है और उसके भागने का खतरा है।
मिशेल के वकील ने इस आधार पर राहत का अनुरोध किया कि वह पहले ही हिरासत में काफी समय बिता चुका है।
उन्होंने पूर्व में कहा था कि धन शोधन निरोधक कानून के तहत अधिकतम सात साल की सजा का प्रावधान है, लेकिन मिशेल ने छह साल से अधिक समय जेल में बिताया।
मिशेल को दिसंबर 2018 में दुबई से प्रत्यर्पित किया गया था और बाद में सीबीआई और ईडी ने उसे गिरफ्तार कर लिया था।
मिशेल इस मामले में कथित तीन बिचौलियों में से एक है। गुइडो हैश्के और कार्लो गेरोसा अन्य दो बिचौलिए हैं।
सीबीआई के आरोपपत्र में आरोप लगाया गया कि आठ फरवरी, 2010 को 55.62 करोड़ यूरो मूल्य के वीवीआईपी हेलीकॉप्टर की आपूर्ति के लिए किए गए सौदे के कारण सरकारी खजाने को 39.82 करोड़ यूरो (लगभग 2,666 करोड़ रुपये) का अनुमानित नुकसान हुआ।
ईडी ने जून 2016 में धन शोधन से संबंधित एक मामले में मिशेल के खिलाफ दााखिल आरोपपत्र में आरोप लगाया था कि उसने अगस्ता वेस्टलैंड से तीन करोड़ यूरो (लगभग 225 करोड़ रुपये) प्राप्त किए थे।
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