श्रीनगर, 14 अप्रैल सऊदी अरब द्वारा भारतीय हज यात्रियों के लिए आवंटित 52,000 हज स्लॉट (कोटा) रद्द किए जाने की खबरों के बाद जम्मू-कश्मीर में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने अपनी चिंता जताई है और केंद्र सरकार से अरब देश के साथ यह मुद्दा उठाने की गुजारिश की है।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर लिखा, "52,000 से अधिक भारतीय जायरीन के हज स्लॉट रद्द किए जाने की खबर काफी चिंताजनक है, क्योंकि उनमें से कई पहले ही भुगतान कर चुके हैं। मैं माननीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से गुजारिश करता हूं कि वे सभी प्रभावित जायरीन के हित में समाधान खोजने के लिए जल्द से जल्द सऊदी अधिकारियों से संपर्क करें। यह उपाय इस साल पवित्र यात्रा करने की उम्मीद कर रहे हजारों लोगों की परेशानी को कम करने के लिए अहम है।”
सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से इस संबंध में सऊदी नेतृत्व से बात करने की अपील की।
उन्होंने कहा, "मैं प्रधानमंत्री से अपील करता हूं कि वह इस मुद्दे को सऊदी सरकार के समक्ष उठाएं और सुनिश्चित करें कि भारतीय जायरीन के लिए हज कोटा कम न किया जाए।"
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि हज कोटा कम करने के अचानक लिए गए फैसले से जायरीन और टूर ऑपरेटरों दोनों को भारी परेशानी हुई है।
उन्होंने ‘एक्स’ पर कहा, “ सऊदी अरब से परेशान करने वाली खबर आ रही है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत के निजी हज कोटे में से 80 फीसदी की अचानक कटौती कर दी गई है। अचानक लिए गए इस फैसले से देश भर के हज जायरीन और टूर ऑपरेटरों को भारी परेशानी हो रही है। विदेश मंत्रालय से आग्रह है कि वह इस मामले को सऊदी सरकार के समक्ष उठाकर तत्काल हस्तक्षेप करे ताकि इसका समाधान निकाला जा सके।”
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