देश की खबरें | जासूसी के आरोप में दिल्ली से एक व्यक्ति गिरफ्तार

पुलिस महानिदेशक (इंटेलिजेंस) उमेश मिश्रा ने रविवार को बताया कि आरोपी भागचंद (46) तीन-चार साल से पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में था और उन्हें भारतीय मोबाइल नंबर एवं सिम कार्ड उपलब्ध करा रहा था। उन्होंने बताया कि आरोपी जासूसी की एवज में पेटीएम के जरिए धनराशि प्राप्त करता था।

उन्होंने बताया कि जासूसी के मामले में भीलवाड़ा से नारायण लाल गाडरी (27) को 14 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने बताया कि गाडरी विभिन्न मोबाइल कंपनियों के सिम कार्ड जारी करवाकर पाकिस्तानी हैंडलर्स को उपलब्ध कराता, जिनकी मदद से वे सोशल मीडिया अकाउंट चलाते थे।

मिश्रा ने बताया कि फिलहाल न्यायिक अभिरक्षा में बंद गाडरी ने पूछताछ के दौरान अपने साथी दिल्ली निवासी भागचंद के बारे में बताया।

अधिकारी ने बताया कि गाडरी द्वारा जारी करवाये गए सिम कार्ड को भागचंद ने दिल्ली के कश्मीरी गेट बस स्टैंड स्थित खान मार्केट ट्रैवल्स ऑफिस में मंगावाया और प्राप्त किया था।

उन्होंने बताया कि पूछताछ में सामने आया है कि पाकिस्तानी हैंडलर से मिली रकम से भागचंद ने भाटी माइंस से कीपैड वाला एक पुराना मोबाइल फोन खरीदा और नारायण द्वारा भेजे गए सिम कार्ड की मदद से ओटीपी साझाा करके पाकिस्तान में भारतीय मोबाइल नंबर से सोशल मीडिया अकाउंट संचालित करने के लिए व्हाट्सएप एवं सिगनल एप डाउनलोड करवाएं। उन्होंने बताया कि बाद में भागचंद ने उन सिम कार्ड को बच्चों के कपड़ों एवं एमडीएच मसाले के पैकेट में छिपाकर पार्सल से मुंबई भेजें।

अधिकारी ने बताया कि भागचंद का जन्म पाकिस्तान में हुआ था और 22 साल की उम्र में 1998 में भारत का वीजा प्राप्त करके वह पूरे परिवार से साथ दिल्ली आ गया। उन्होंने बताया कि 2016 में उसे भारत की नागरिकता मिल गई और वह दिल्ली में ही टैक्सी चलाने व मजदूरी का कार्य करने लगा, जबकि उसके रिश्तेदार और अन्य परिजन पाकिस्तान में रहते हैं, जिनके माध्यम से वह तीन-चार साल से पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में था।

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