देश की खबरें | बरसाती जलनिकासी नाले का काम समय पर हो जाने से बड़ी तबाही टली: स्टालिन

चेन्नई, आठ दिसंबर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने शुक्रवार को कहा कि मानसून के मौसम से पहले बरसाती जलनिकासी नाले का काम पूरा हो जाने के कारण ही चक्रवात के प्रभाव से हुई अभूतपूर्व बारिश के बावजूद एक बड़ी तबाही टल गई।

स्टालिन ने कहा कि चेन्नई और आसपास के ज्यादातर स्थानों पर स्थिति सामान्य हो गई है, जो चक्रवात ‘मिगजॉम’ से तबाह हो गए थे।

चक्रवात राहत पहल के लिए समाज के सभी वर्गों से समर्थन का अनुरोध करते हुए स्टालिन ने कहा कि वह अपना एक महीने का वेतन दान कर रहे हैं। उन्होंने सभी विधायकों और सांसदों से इसी तरह तमिलनाडु मुख्यमंत्री जन राहत कोष में योगदान देने का आग्रह किया और उन लोगों को धन्यवाद दिया जिन्होंने स्वैच्छिक योगदान शुरू किया है।

स्टालिन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि बड़े पैमाने पर तबाही केवल इसलिए टल गई क्योंकि सरकार ने पहले से योजना बनाकर बरसाती जलनिकासी नाले का काम पूरा कर लिया। उन्होंने कहा कि तीन दिन में ज्यादातर इलाकों में हालात सामान्य हो गए हैं और कुछ जगहों पर राहत कार्य जारी है।

उन्होंने कहा कि चक्रवात ‘मिगजॉम’ के कारण जितनी भारी बारिश हुई उतनी पिछले लगभग 47 वर्षों में नहीं देखी गई और भारी बारिश से एक करोड़ से अधिक लोग प्रभावित हुए।

इस बीच, बचावकर्मियों ने यहां एक निर्माण स्थल पर एक बड़े गड्ढे से लगभग पांच दिन की कड़ी मेहनत के बाद दो श्रमिकों के शव बाहर निकाले।

फाइव फर्लांग रोड पर गड्ढे से शवों को बाहर निकालने के अभियान में शामिल राष्ट्रीय मोचन बल (एनडीआरएफ) विशेषज्ञ टीम के एक सदस्य ने कहा कि गोताखोरों को लगाकर पहले पता लगाया गया कि गहराई 60 फुट से अधिक है और बारिश का पानी भरा हुआ है। उन्होंने बताया कि चूंकि गड्ढा लोहे के निर्माण उपकरणों और सामग्री से भरा हुआ था, इसलिए अन्य चुनौतियां भी थीं। उन्होंने कहा कि इसके अलावा, निर्माण उद्देश्यों के लिए अनुकूलित कार्गो कंटेनर भी डूब गए थे।

उन्होंने कहा कि ऐसी चुनौतियों से पार पाते हुए आखिरकार दोनों शवों को शुक्रवार को बाहर निकाला गया। उन्होंने बताया कि अभियान में तमिलनाडु राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, तमिलनाडु पुलिस, अग्निशमन और बचाव सेवाएं भी शामिल थीं।

पुलिस ने कहा कि दो सुपरवाइजर को गिरफ्तार कर लिया गया है और निर्माण कंपनी के मालिक और उसके प्रबंधक को गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं।

चार दिसंबर की सुबह, बारिश के बीच, पास के ऑटो एलपीजी डिस्पेंसिंग स्टेशन का एक 'जनरेटर रूम' निर्माण स्थल पर पास के गड्ढे में फिसल गया।

गैस स्टेशन के तीन कर्मचारी और निर्माण स्थल का एक कर्मचारी गड्ढे में फंस गए। तमिलनाडु अग्निशमन एवं बचाव सेवाओं ने उसी दिन एलपीजी स्टेशन के दो कर्मचारियों को बचा लिया।

वहीं 21 वर्षीय नरेश (गैस स्टेशन कर्मचारी) और 32 वर्षीय जयसीलन (निर्माण स्थल कर्मचारी) के शव शुक्रवार को बाहर निकाले गए।

ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन के आयुक्त जे. राधाकृष्णन ने संवाददाताओं को बताया कि यह गड्ढा लगभग 80 फुट गहरा था, यह एक निजी निर्माण स्थल है। उन्होंने कहा कि हालांकि यह एक दुर्घटना थी, उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी..।

एनडीआरएफ, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, तमिलनाडु दमकल और बचाव सेवाओं सहित बचाव अभियान में शामिल एजेंसियां सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थल का गहन मूल्यांकन पूरा करेंगी।

बाढ़ के कारण डूबे वाहनों के बारे में एक सवाल पर मुख्य सचिव शिव दास मीणा ने संवाददाताओं से कहा कि सरकार मुफ्त सर्विस की सुविधा के लिए वाहन डीलरों के संपर्क में है। उन्होंने कहा कि स्कूल और कॉलेज 11 दिसंबर को फिर से खुलेंगे।

वित्त मंत्री टी. तेनारासु ने बीमा कंपनियों और मोटर वाहनों के डीलरों के प्रतिनिधियों की एक बैठक की अध्यक्षता की।

तेरह बीमा कंपनियों ने कहा कि अब तक वाहनों के लिए कुल 2,320 दावे प्राप्त हुए हैं, जिनमें मोटरसाइकिल, कार और वाणिज्यिक वाहन शामिल हैं।

मंत्री ने बीमा कंपनियों से लोगों की मदद के लिए हाथ बढ़ाने और जहां तक संभव हो मानदंडों में ढील देकर दावों का तेजी से निस्तारण करने का आग्रह किया। उन्होंने बीमा कंपनियों से विशेष शिविर आयोजित करने का भी आग्रह किया। सरकार ने क्षतिग्रस्त वाहनों की मरम्मत के लिए खाली जगह उपलब्ध कराने के वाहन डीलरों के अनुरोध पर विचार करने का वादा किया।

नगर प्रशासन मंत्री के एन नेहरू ने यहां लोगों को राहत सामग्री वितरित करने के बाद कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के लिए पीने का पानी और अन्य बुनियादी जरूरतें सुनिश्चित की गई हैं।

उन्होंने कहा कि केवल कुछ इलाकों जैसे पल्लीकरनई, मुदिचूर, पेरुंबक्कम, आरके नगर और कोलातुर के एक हिस्से में जल-जमाव है। उन्होंने कहा कि ऐसे इलाकों में बारिश के पानी की निकासी के प्रयास जोरों पर हैं।

मीणा ने संवाददाताओं से कहा कि चेन्नई में बिजली की आपूर्ति बहाल कर दी गई है, कुछ स्थानों में बिजली की आपूर्ति जल्द ही बहाल कर दी जाएगी। मुख्य सचिव ने कहा कि परिवहन सेवाएं और पीने के पानी और दूध की आपूर्ति सामान्य है।

उन्होंने कहा कि जहां तक जल आपूर्ति का संबंध है, इसमें बड़ा सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि पाइप से पानी की आपूर्ति के अलावा 445 पानी के टैंकर से आपूर्ति की गई है।

पुलिस ने घोषणा की कि चक्रवात और उसके परिणाम को देखते हुए यातायात उल्लंघन के लिए स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (एएनपीआर) कैमरों का उपयोग करके 3 से 8 दिसंबर के बीच जारी 6,670 ई-चालान रद्द कर दिए जाएंगे और यह एक बार का उपाय होगा।

उत्तरी तमिलनाडु में चेन्नई, कांचीपुरम, चेंगलपेट और तिरुवल्लूर चक्रवात और भारी बाढ़ से प्रभावित हुए।

राज्य सरकार ने 5,060 करोड़ रुपये की अंतरिम केंद्रीय राहत मांगी है और केंद्र ने तमिलनाडु को 450 करोड़ रुपये की दो किस्तें मंजूर कर दी हैं।

भीषण चक्रवाती तूफान ‘मिगजॉम’ के प्रभाव से चेन्नई, तिरुवल्लुर, कांचीपुरम और चेंगलपेट जिलों में (3 और 4 दिसंबर) कुल 109.41 सेंटीमीटर बारिश हुई।

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