जरुरी जानकारी | अच्छे और बुरे बिल्डर के बीच अंतर के लिए एक विश्वसनीय ढांचा जरूरी : आवास सचिव

नयी दिल्ली, 29 मई आवास एवं शहरी मामलों के सचिव मनोज जोशी ने अच्छे और बुरे रियल एस्टेट डेवलपर के बीच अंतर करने के लिए एक ‘विश्वसनीय ढांचे’ की जरूरत बताई है। उन्होंने सोमवार को भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के रियल एस्टेट सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि इससे रियल्टी क्षेत्र को परियोजनाओं के निर्माण के लिए बैंकों से आसानी से कर्ज मिल सकेगा और उपभोक्ताओं के पैसे पर उनकी निर्भरता नहीं रहेगी।

जोशी ने कहा कि रियल एस्टेट परियोजनाओं, विशेष रूप से आवासीय का वित्तपोषण बड़े पैमाने पर ग्राहकों से मिले अग्रिम से किया जाता है। इस मॉडल को बदलने की जरूरत है।

उन्होंने सुझाव दिया कि ‘विश्वसनीय ढांचा’ रेटिंग प्रणाली और पिछले प्रदर्शन का मूल्यांकन हो सकता है।

जोशी ने बताया कि परियोजनाओं के निर्माण में देरी का एक मुख्य कारण नकदी प्रवाह होता है। उन्होंने कहा कि मुख्य ठेकेदारों और छोटे वेंडरों के स्तर पर कोई बैंक वित्त उपलब्ध नहीं होता। इससे परियोजनाओं में देरी होती है और लागत दक्षता प्रभावित होती है।

उन्होंने कहा, ‘‘क्या हम अपनी अर्थव्यवस्था के इतने महत्वपूर्ण हिस्से को वित्त प्रदान न करके अपनी अर्थव्यवस्था की मदद कर रहे हैं? उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि हम चोट अधिक पहुंचा रहे हैं।’’

जोशी ने कहा कि वित्तीय संस्थान खराब परियोजनाओं और अच्छी परियोजनाओं के बीच अंतर करने में असमर्थ हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘रियल एस्टेट क्षेत्र में कुछ खराब परियोजनाओं, कुछ खराब कर्जदारों के कारण, आप पूरे क्षेत्र को कर्ज देने के लिए खराब नहीं बता सकते।’’

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