जरुरी जानकारी | पर्यावरण से जुड़े लक्ष्यों को लेकर सही राह पर नहीं हैं 60 प्रतिशत कंपनियां : रिपोर्ट

नयी दिल्ली, 14 नवंबर साठ प्रतिशत से अधिक कंपनियां पर्यावरण से जुड़े लक्ष्यों को हासिल करने के मामले में ठोस प्रगति नहीं कर रही हैं और वास्तव में वे रास्ते से दूर हो गयी हैं। बेन एंड कंपनी की एक रिपोर्ट में यह कहा गया है।

इसमें यह भी कहा गया है कि ग्राहक पर्यावरण अनुकूल उत्पादों के लिये अपनी जेब ढीली करने को तैयार हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, भारत में सर्वे में शामिल बड़ी संख्या में लोगों का कहना है कि उन्हें पर्यावरण को लेकर काफी चिंता है। इसका कारण प्रमुख शहरों में प्रदूषण का बढ़ता स्तर और देश के विभिन्न भागों में बाढ़ की बढ़ती घटनाएं हो सकती हैं।

सर्वे में पाया गया कि जो बाजार तेजी से बढ़ रहे हैं, वहां के लोगों में पर्यावरण को लेकर चिंता ज्यादा है। ऐसे बाजारों में भारत भी शामिल हैं। इन बाजारों के उपभोक्ता अमेरिका और ब्रिटेन जैसे बाजारों की तुलना में अधिक भुगतान (15 से 20 प्रतिशत के बीच) करने को तैयार हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, हालांकि एक भारतीय उपभोक्ता अभी भी पर्यावरण अनुकूल पहल को समझने के शुरुआती चरण में है और कई चीजें सांस्कृतिक मानदंडों तथा वित्तीय वास्तविकताओं से प्रभावित है।

इसमें कहा गया है, ‘‘मौसमी मिजाज में व्यापक स्तर पर बदलाव से दुनियाभर में पर्यावरण संबंधी चिंता बढ़ा रही है। नये शोध से पता चलता है कि 60 प्रतिशत से अधिक कंपनियां अपने मौजूदा पर्यावरण संबंधी लक्ष्यों को पूरा करने के रास्ते से दूर हो गई हैं।’’

रिपोर्ट के मुताबिक, प्रगति के लिये प्रौद्योगिकी, नीति और व्यवहार में बदलाव की जरूरत है। इसमें उपभोक्ताओं और कर्मचारियों का एक बढ़ता हुआ जागरूक आधार मददगार साबित हो सकता है।

सर्वे में लगभग 64 प्रतिशत लोगों ने पर्यावरण को लेकर काफी चिंता जतायी। ज्यादातर ने कहा कि उनकी चिंताएं पिछले दो साल में बढ़ी है।

बेन एंड कंपनी के भागीदार और ‘एशिया पैसिफिक सस्टेनेबिलिटी प्रैक्टिस’ के प्रमुख करण सिंह ने कहा कि भारतीय उपभोक्ता पर्यावरण में रुचि दिखा रहे हैं। लेकिन इरादे और कार्रवाई के बीच अंतर है। इसका मुख्य कारण उच्च कीमतें, उत्पादों के बारे में सीमित जानकारी और उपलब्धता जैसी चीजें हैं।

सिंह ने कहा, ‘‘यह कंपनियों के लिये उपभोक्ताओं को शिक्षित करने और आकर्षक कीमतों पर नवोन्मेष के जरिये पर्यावरण अनुकूल उत्पाद उतारकर नेतृत्व करने का एक बेहतर अवसर है।’’

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है, ‘‘तेजी से बढ़ते बाजारों में उपभोक्ताओं में पर्यावरण संबंधी चिंता सबसे अधिक है। इन बाजारों में भारत, इंडोनेशिया, ब्राजील और चीन शामिल हैं। इन देशों के उपभोक्ता पर्यावरण अनुकूल उत्पादों के लिये 15 से 20 प्रतिशत के बीच अधिक भुगतान करने को तैयार हैं। दूसरी ओर, अमेरिका में यह 11 प्रतिशत है। जबकि ब्रिटेन, इटली, जर्मनी और फ्रांस में उपभोक्ता केवल आठ से 10 प्रतिशत के बीच अतिरिक्त भुगतान करने को तैयार हैं।’’

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