कोहिमा, 28 जून नगालैंड में लगभग 250 किसानों को बुधवार को दो कृषि उत्पादों, नगा ट्री टमाटर और नगा खीरे के लिए ज्योग्राफिकल इंडिकेशन (जीआई) टैग का उपयोग करने का अधिकार प्रदान किया गया।
एक अधिकारी ने कहा कि उत्पादकों को केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के तहत उत्तर पूर्वी क्षेत्रीय कृषि विपणन निगम (एनईआरएएमएसी) द्वारा यहां आयोजित जीआई जागरूकता सेमिनार-प्रदर्शनी के दौरान प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
छोटा, अंडाकार और स्वादिष्ट नगा ट्री टमाटर पूर्वोत्तर राज्य के रसोई उद्यानों (किचन गार्डन्स) और बगीचों में व्यापक रूप से उगाया जाता है। इन टमाटरों को सामान्य तापमान में लंबे समय तक रखा जा सकता है। जैविक रूप से उगाया गया नगालैंड का खीरा रसीला, मुलायम और मीठा होता है।
जीआई टैग को मुख्य रूप से एक निश्चित भौगोलिक क्षेत्र में उत्पन्न होने वाले कृषि, प्राकृतिक या निर्मित उत्पादों, हस्तशिल्प और औद्योगिक वस्तुओं को दिया जाता है।
विपणन संगठन के प्रबंध निदेशक, कमोडोर (सेवानिवृत्त) राजीव अशोक ने कहा, पिछले कुछ वर्षों में, एनईआरएएमएसी ने पूर्वोत्तर के आठ राज्यों की 13 ऐसी कृषि-बागवानी उपज के प्रमाणीकरण में सहयोग किया है।
एनईआरएएमएसी द्वारा समर्थित क्षेत्र के अन्य जीआई उत्पाद हैं - कार्बी आंगलोंग अदरक, असम की तेजपुर लीची, अरुणाचल का संतरा, मणिपुर का चक हाओ (काला चावल) और कचाई नींबू, मेघालय के मेमांग नारेंग और खासी मेंडारिन,सिक्किम के दल्ले खुरसानी और बड़ी इलायची तथा त्रिपुरा का क्वीन अन् Naga tree tomato and Naga cucumberनानास।
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