ट्रक और डीसीएम की टक्कर में 25 प्रवासी मजदूरों की मौत, 40 अन्य घायल
जमात

औरैया (उप्र), 16 मई उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग पर शनिवार तड़के एक ट्रक और एक डीसीएम मेटाडोर के बीच टक्कर में 25 प्रवासी मजदूरों की मौत हो गयी, जबकि 40 अन्य घायल हो गये ।

पुलिस ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग—19 पर औरैया—कानपुर खंड पर दोनों वाहनों के बीच टक्कर तड़के तीन से साढ़े तीन बजे के बीच हुई। टक्कर के बाद दोनों वाहन पलट कर नजदीक के गड्ढे में जा गिरे।

पुलिस ने बताया कि कई मजदूर झारखंड और पश्चिम बंगाल के थे, जबकि कुछ पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के थे। ट्रक ने ढाबे के निकट खड़े डीसीएम मेटाडोर को टक्कर मार दी । ट्रक पर आटे की बोरियां रखी थीं और अधिकांश मजदूर इन्हीं बोरियों पर बैठे थे ।

जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने बताया कि अधिकांश मजदूर बोरियों के नीचे दब कर मर गये। कुछ ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड दिया। सभी मृतक पुरूष हैं।

अधिकारियों ने बताया कि डीसीएम वाहन दिल्ली से मध्य प्रदेश जा रहा था । कुछ मजदूर चाय पीना चाहते थे। इसलिए वाहन एक ढाबे पर रूका था। वाहन पर लगभग 22 लोग सवार थे, जिनमें पांच महिलाएं और सात बच्चे थे।

अधिकारियों के अनुसार ट्रक पर 43 प्रवासी सवार थे, जो राजस्थान से आ रहे थे।

दोनों ही वाहनों पर वे मजदूर सवार थे, जिन्हें लॉकडाउन के दौरान काम नहीं मिल रहा था और उनके पास ना तो पैसा था और ना ही भोजन का प्रबंध । ये सभी अपने घर पहुंचना चाहते थे। अधिकारियों ने बताया कि इस हादसे में 25 लोगों की मौत हो गयी, जबकि 15 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गये। घायलों को इटावा जिले के सैफई में एक अस्पताल में और औरैया के अस्पताल में भर्ती कराया गया।

राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे में मारे गये लोगों के प्रति गहरा शोक व्यक्त किया और कहा कि प्रभावित लोगों को राहत प्रदान करने के लिए प्रशासन हर प्रयास कर रहा है ।

विपक्षी कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने भाजपा सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि यह दुर्घटना नहीं 'हत्या' है। दोनों ही दलों ने सरकार से सवाल किया कि वह प्रवासी मजदूरों के लिए पर्याप्त एवं समुचित व्यवस्था क्यों नहीं कर रही है ।

राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रूपये और गंभीर रूप से घायलों को पचास-पचास हजार रूपये की आर्थिक मदद का ऐलान किया है। सरकार ने सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे प्रवासियों को बसें मुहैया कराने के आदेश का कड़ाई से अनुपालन करें।

सरकार द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने फिर से कहा है कि सभी सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए निर्देश दिये गये हैं कि कोई भी ट्रक जैसे असुरक्षित साधन से यात्रा ना करे। ये निर्देश भी दिये गये हैं कि सीमावती क्षेत्रों के हर जिले में जिलाधिकारी के नियंत्रण में 200 बसें होनी चाहिए । मजदूरों को बसों से भेजने के लिए धन स्वीकृत कर दिया गया है, इसलिए जिलाधिकारियों को इस आदेश का सख्ती से अनुपालन करना चाहिए ।

अपर मुख्य सचिव (गृह) अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि दो थाना प्रभारियों को निलंबित किया गया है । क्षेत्राधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी गयी है ।

पुलिस महानिदेशक एच सी अवस्थी ने बताया कि यह सुनिश्चित करने के प्रयास किये जा रहे हैं कि राज्य से होकर जो भी गुजरे, सुरक्षित गुजरे और इस तरह की दुर्भाग्यशाली घटनाएं भविष्य में ना हों । और अधिक ट्रेनों के परिचालन के निर्देश पहले ही दिये जा चुके हैं । बडी संख्या में ट्रेनें चल भी रही हैं हालांकि जो लोग आ रहे हैं, उनकी संख्या काफी ज्यादा है ।

उन्होंने बताया कि लगभग दस हजार बसों को लगाया गया है । हर संभव प्रयास किया जा रहा है लेकिन इस तरह का दुर्भाग्यपूर्ण हादसा कैसे हो गया, इसकी जांच की जा रही है ।

अवस्थी ने स्पष्ट किया कि दो पहिया, तीन पहिया और निजी वाहनों से आवागमन पूरी तरह रोक दिया गया है । डीजीपी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बडी संख्या में लोगों के प्रवेश करने से सीमा पर चुनौतीपूर्ण हालात हैं । हम लोगों को उनके घर सुरक्षित पहुंचाने के हरसंभव प्रयास कर रहे हैं लेकिन राज्य में प्रवेश करने वाले लोगों की संख्या काफी अधिक है ।

भाजपा अध्यक्ष जे पी नडडा, कांग्रेस नेता राहुल गांधी एवं प्रियंका गांधी तथा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने घटना पर शोक प्रकट किया है ।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने टवीट किया, ''उत्तर प्रदेश के औरैया में सड़क हादसे में 24 से भी अधिक ग़रीब प्रवासी मज़दूरों की मौत पर अवर्णनीय दुख है। घायलों के लिए दुआएँ । सब कुछ जानकर... सब कुछ देखकर भी... मौन धारण करने वाले हृदयहीन लोग और उनके समर्थक देखें कब तक इस उपेक्षा को उचित ठहराते हैं। ऐसे हादसे मृत्यु नहीं हत्या हैं ।''

उन्होंने दूसरे टवीट में कहा, ''घर लौट रहे प्रवासी मज़दूरों के मारे जाने की ख़बरें दिल दहलाने वाली हैं । मूलत: ये वो लोग हैं जो घर (परिवार) चलाते थे, इसलिए समाजवादी पार्टी प्रदेश के प्रत्येक मृतक के परिवार को एक-एक लाख रुपये की मदद पहुँचाएगी ।''

बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि योगी अधिकारियों को श्रमिकों की सुरक्षित वापसी के लिये जो निर्देश दे रहे है, उन्हें सख्ती से लागू करवायें । उन्होंने कहा कि इस समय सभी पार्टियों से मेरी अपील है कि दलगत राजनति से ऊपर उठ कर इनकी मदद करनी चाहिए और उनकी पूरी सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिये। इसकी आड़ में कोई घिनौनी राजनीति नहीं करनी चाहिये ।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने टवीट कर कहा, ‘‘ औरैया की हृदय विदारक घटना ने एक बार फिर यह प्रश्न उपस्थित कर दिया है कि आख़िर सरकार क्या सोचकर इन मजदूरों को घर पहुंचाने की समुचित व्यवस्था नहीं कर रही है? प्रदेश के अंदर मजदूरों को ले जाने के लिए बसें क्यों नहीं चलाई जा रही हैं? या तो सरकार को कुछ दिख नहीं रहा, या वो सब कुछ देख के अनजान बनी हुई है।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय कुमार सिंह लल्लू ने योगी से इस्तीफा मांगते हुए कहा कि वह प्रवासी मजदूरों के प्रति असंवदेनशील हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, लेटेस्टली स्टाफ ने इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया है)