विदेश की खबरें | पाकिस्तान में 20 चर्च, ईसाइयों के 86 मकान जलाये: पुलिस
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

लाहौर, 18 अगस्त पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में भीड़ ने कम से कम 20 चर्च और ईसाइयों के 86 घरों को जला दिया और कुल 145 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। यह बात पुलिस ने अल्पसंख्यक समुदाय पर हुए अभूतपूर्व हमले के संबंध में शुक्रवार को सरकार को सौंपी एक प्रारंभिक रिपोर्ट में कही है।

रिपोर्ट में उस भीड़ में कट्टरपंथी इस्लामी तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) तत्वों की मौजूदगी का भी संकेत दिया गया है, जिसने बुधवार को लाहौर से लगभग 130 किलोमीटर दूर फैसलाबाद जिले की जरांवला तहसील में हमला किया था। भीड़ इस खबर से नाराज थी कि दो ईसाइयों ने कुरान का अपमान किया है।

सरकार को सौंपी गई पंजाब पुलिस की रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘जरांवला में भीड़ ने कम से कम 20 चर्च और ईसाइयों के 86 घरों को जला दिया। कुरान को अपमानित करने के आरोपी दो ईसाइयों को भी गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा, अब तक एक मौलवी सहित 145 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। उक्त मौलवी ने लोगों को ईसाई घरों पर हमला करने के लिए उकसाने के वास्ते पांच मस्जिदों से घोषणाएं की थीं।’’

इससे पहले दिन में, पुलिस ने 127 संदिग्धों को फैसलाबाद में आतंकवाद रोधी अदालत के सामने पेश किया और उनकी दो दिन की हिरासत हासिल की।

पंजाब के कार्यवाहक मुख्यमंत्री मोहसिन नकवी ने कहा कि पाकिस्तानी पुलिस ने हमलों में शामिल दो मुख्य संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।

नकवी ने पंजाब के मुख्य सचिव और पुलिस महानिरीक्षक के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि दोनों ने प्रमुख संदिग्धों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी।

नकवी ने बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर किये गए एक पोस्ट में लिखा, ‘‘जरांवला घटना में एक बड़ी सफलता-दोनों आरोपी सीटीडी की हिरासत में हैं। मुख्य सचिव पंजाब और आईजी पंजाब की उनके अथक प्रयासों के लिए सराहना...।’’

इस बीच, ईसाई परिवार अपने घरों को लौटने लगे है और जहां उन्होंने पाया कि उनके घर खंडहर हो गए हैं। उन्होंने सरकार पर इस्लामी कट्टरपंथियों के हमले से उनके जीवन और संपत्तियों की सुरक्षा प्रदान करने में विफल रहने का आरोप लगाया।

जरांवला में दूसरे दिन शुक्रवार को भी सभी शिक्षण संस्थान, बाजार और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे।

नकवी ने शुक्रवार को कहा कि सरकार अगले मंगलवार तक जरांवला में सभी चर्च को ठीक कर देगी और उन ईसाई परिवारों को मुआवजा राशि देगी जिनके घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "और गिरफ्तारियां होनी हैं और हर दोषी को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।’’

कार्यवाहक मुख्यमंत्री ने कहा कि चर्च और ईसाइयों के घरों पर हिंसक हमले देश में शांति को नुकसान पहुंचाने की एक सुनियोजित साजिश थी।

जिला प्रशासन ने पहले ही सात दिनों के लिए धारा 144 लागू कर दी है, जरांवाला में सरकार द्वारा आयोजित कार्यक्रमों को छोड़कर सभी प्रकार की सभा पर रोक लगा दी गई है।

आर्चबिशप सेबेस्टियन फ्रांसिस शॉ ने कहा कि ईसाइयों को मुआवजा मिल सकता है लेकिन इस भयानक घटना से उनमें पैदा हुए डर का क्या? उन्होंने कहा कि सरकार को अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा के लिए व्यावहारिक कदम उठाने होंगे। उन्होंने खुलासा किया कि कट्टरपंथियों ने जरांवाला के ईसाई सहायक आयुक्त शौकत मसीह पर चार बार जानलेवा हमले किये लेकिन वह बच गए।

पाकिस्तान सेंटर फॉर लॉ एंड जस्टिस नेपोलियन कय्यूम ने कहा कि हालांकि पुलिस की भारी तैनाती के कारण क्षेत्र में शांति बहाल हो गई है, ईसाइयों को डर है कि कट्टरपंथी फिर से हमला कर सकते हैं

वर्तमान में, जरांवाला में ईसाई क्षेत्रों में 3,500 पुलिसकर्मी और 180 रेंजर्स कर्मी तैनात हैं।

पाकिस्तान में ईशनिंदा एक संवेदनशील मुद्दा है, जहां इस्लाम का अपमान करने वाले किसी भी व्यक्ति को मृत्युदंड का सामना करना पड़ सकता है।

सेंटर फॉर सोशल जस्टिस (सीएसजे) के अनुसार, 16 अगस्त, 2023 तक लगभग 198 लोगों पर ईशनिंदा का आरोप लगाया गया है, जिनमें से 85 प्रतिशत मुस्लिम, नौ प्रतिशत अहमदी और 4.4 प्रतिशत ईसाई हैं।

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