उज्जैन/भोपाल, 15 अक्टूबर महाकाल की नगरी उज्जैन में कथित रूप से जहरीले नशीले पदार्थ (शराब या स्प्रिट) के सेवन से पिछले 24 घंटे में 11 लोगों की मौत हो गई है।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बृहस्पतिवार को इस घटना की विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) द्वारा जांच के निर्देश दिए।
यह भी पढ़े | Gupkar Declaration: फारूक अब्दुल्ला के आवास पर हुई बैठक, बोले- हम लोगों के छीने अधिकार वापस मांगते हैं.
वहीं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने इस घटना को लेकर राज्य की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘‘‘शिवराज जी, ये माफिया कब तक यूँ ही निर्दोषों की जान लेते रहेंगे?’’
उज्जैन जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रूपेश द्विवेदी ने बताया, ‘‘बुधवार से बृहस्पतिवार सुबह तक उज्जैन के तीन थाना इलाकों -खाराकुआ थाना, जीवजीगंज थाना एवं महाकाल थाना - में किसी प्रकार के विषैले पदार्थ के पीने से 11 लोगों की मौत हो गई है। ये सभी या तो भिखारी हैं या गरीब मजदूर हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अब ये प्रदार्थ क्या है और ये किसके द्वारा बेचा गया, इसकी जांच की जा रही है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इसके लिए हमारे द्वारा सघन छापेमारी की जा रही है।’’
द्विवेदी ने बताया कि उज्जैन पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह ने थाना प्रभारी खाराकुआ निरीक्षक एम.एल. मीणा, बीट प्रभारी उप निरीक्षक निरंजन शर्मा और दो आरक्षकों शेख अनवर एवं नवाज शरीफ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
उज्जैन जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) महावीर खंडेलवाल ने बताया, ‘‘ये 11 लोग इतनी बुरी स्थिति में अस्पताल लाए गये थे कि इनमें से कोई भी 15 मिनट से ज्यादा जीवित नहीं रह पाया।’’
जब उनसे सवाल किया गया कि क्या इनकी मौत जहरीली शराब पीने से हुई, तो इस पर उन्होंने कहा, ‘‘ये कोई जहरीली शराब, स्प्रिट या कोई भी अन्य केमिकल भी हो सकता है, जो विसरा जाँच में पता चलेगा।’’
मध्यप्रदेश जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया है,‘‘उज्जैन के पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह ने मौके पर पहुंचकर घटना के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने प्रथम दृष्टया खाराकुआ थाना क्षेत्र में जिंजर नामक पेय पदार्थ (कच्ची शराब) की बिक्री होना पाया। संभवत: उसी का सेवन करने से कुछ व्यक्तियों की मृत्यु होने जैसी संवेदनशील घटना को थाना प्रभारी द्वारा गंभीरता से नहीं लिया गया। कर्त्तव्यों के प्रति बरती गई लापरवाही के लिये थाना खाराकुआ में पदस्थ पुलिस कर्मियों को निलंबित किया गया है।’’
उज्जैन के पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह ने पीटीआई- को बताया की इस स्प्रिट या जहरीली शराब की आपूर्ति मामले में गब्बर, यूनुस और सिकंदर के नाम सामने आए हैं, जो यहां से भाग गए हैं। उन्होंने बताया कि इन्हें पकड़ने के लिए टीमें बलाघाट और अन्य जगहें भेजी गई हैं।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY