अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प आतंकवाद को खत्म करने के लिए पाकिस्तान पर दबाव बनाए रखने में रहे सफल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पाकिस्तान पर अपनी धरती से आतंकवाद को खत्म करने के लिए दबाव बनाए रखने में सफल रहे हैं. अमेरिका में भारत के राजदूत हर्षवर्धन श्रृंगला भारत और अमेरिका के बीच सुरक्षा मुद्दों के साथ-साथ बहुराष्ट्रीय मंचों जैसे संयुक्त राष्ट्र में मजबूत सहयोग को लेकर एक सवाल का जवाब दे रहे थे.
न्यूयॉर्क : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) पाकिस्तान पर अपनी धरती से आतंकवाद को खत्म करने के लिए दबाव बनाए रखने में सफल रहे हैं. अमेरिका (America) में नियुक्त भारतीय राजदूत ने जोर देते हुए कहा कि आतंकवादी संगठनों के खिलाफ पाकिस्तान की कार्रवाई अपरिवर्तनीय होनी चाहिए न कि परिवर्तनशील, जहां आतंकी सरगनाओं को एक ओर से गिरफ्तार किया जाता है और दूसरी ओर उन्हें छोड़ दिया जाता है.
अमेरिका में भारत के राजदूत हर्षवर्धन श्रृंगला भारत और अमेरिका के बीच सुरक्षा मुद्दों के साथ-साथ बहुराष्ट्रीय मंचों जैसे संयुक्त राष्ट्र में मजबूत सहयोग को लेकर एक सवाल का जवाब दे रहे थे.
गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान से संचालित होने वाले जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed) प्रमुख मसूद अजहर को इसी साल मई में एक वैश्विक आतंकवादी घोषित किया था.
यह भी पढ़ें : हाफिज सईद की गिरफ्तारी पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तोड़ी चुप्पी
श्रृंगला ने सोमवार को यहां एक साक्षात्कार में पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘मुझे यह कहना है कि राष्ट्रपति ट्रम्प ने वह किया है जो पिछले राष्ट्रपतियों ने नहीं किया. उन्होंने अपनी कथनी को करनी में बदलकर दिखाया है, जैसा कि मैं पहले भी कह चुका हूं. उन्होंने सुनिश्चित किया कि आतंकवाद के साथ संबंध होने के कारण पाकिस्तान को दी जाने वाली सभी वित्तीय मदद वापस ली जाए.
उन्होंने पाकिस्तान को दी जाने वाली सभी वित्तीय सहायता और सभी सैन्य सहायता रोक दी.’’
उन्होंने इसी नीति को लगातार कायम रखने का उम्मीद जताई है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पर दबाव बनाकर रखा जाए ताकि हम पाकिस्तान से संचालित होने वाले आतंकवाद को खत्म कर सकें.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 18, 2019 02:29 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

