US-Iran Tension: डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को खुली चेतावनी; '48 घंटे में होर्मुज जलडमरूमध्य खोलें वरना तबाह कर देंगे पावर प्लांट'
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए 48 घंटे के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह से खोलने की मांग की है. ऐसा न करने पर उन्होंने ईरान के पावर प्लांट्स को निशाना बनाने की धमकी दी है.
वाशिंगटन: अमेरिका (US) और ईरान (Iran) के बीच जारी संघर्ष अब एक बेहद नाजुक मोड़ पर पहुँच गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) ने रविवार, 22 मार्च को ईरान को सीधा अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि अगले 48 घंटों के भीतर 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) को बिना किसी खतरे के पूरी तरह से नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स (Iran Power Plants) पर भीषण हमले करेगा. ट्रंप ने स्पष्ट किया कि इन हमलों की शुरुआत ईरान के सबसे बड़े पावर प्लांट से की जाएगी. यह भी पढ़ें: PM Modi Speaks To Iran President: पीएम नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के बीच फिर बातचीत, ईद और नवरोज की दी शुभकामनाएं
ट्रुथ सोशल पर दी कड़ी चेतावनी
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट करते हुए लिखा, "यदि ईरान 48 घंटों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह और बिना किसी धमकी के नहीं खोलता है... तो संयुक्त राज्य अमेरिका उनके विभिन्न पावर प्लांट्स को निशाना बनाएगा और उन्हें नेस्तनाबूद कर देगा, जिसकी शुरुआत सबसे बड़े प्लांट से होगी."
वैश्विक सहयोग की मांग और सहयोगियों पर निशाना
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस मुद्दे को एक साझा अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी के रूप में पेश किया है. पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि अमेरिका को इस समुद्री मार्ग की उतनी जरूरत नहीं है जितनी कि यूरोप, दक्षिण कोरिया, जापान और चीन को है. उन्होंने सहयोगियों से अपील की कि वे इस महत्वपूर्ण शिपिंग रूट को सुरक्षित करने के लिए आगे आएं.
ट्रंप ने नाटो (NATO) की आलोचना करते हुए कहा कि उनके पास अब तक कार्रवाई करने का साहस नहीं रहा है. साथ ही उन्होंने दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया जैसे इंडो-पैसिफिक भागीदारों से भी अधिक सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया.
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खोलने की चेतावनी दी
युद्धविराम की संभावना से इनकार
बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद ट्रंप ने फिलहाल किसी भी तरह के युद्धविराम (Ceasefire) से साफ इनकार कर दिया है. उन्होंने सैन्य अभियान को जारी रखने पर जोर देते हुए कहा, "जब आप दूसरे पक्ष को पूरी तरह खत्म कर रहे हों, तब युद्धविराम नहीं किया जाता." उन्होंने दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमताएं अब काफी हद तक कमजोर हो चुकी हैं. यह भी पढ़ें: मध्य पूर्व में भारी तनाव: इजरायल ने ईरान के 'साउथ पार्स' गैस फील्ड पर किया हमला, ट्रंप प्रशासन की मंजूरी के बाद बढ़ी क्षेत्रीय युद्ध की आशंका (Watch Video)
ईरान की सैन्य स्थिति पर ट्रंप का दावा
ट्रंप के अनुसार, ईरानी सेना के पास अब न तो नौसेना बची है, न ही वायुसेना और न ही एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम. उन्होंने यहाँ तक दावा किया कि ईरान के शीर्ष नेतृत्व को हर स्तर पर खत्म कर दिया गया है. ट्रंप का मानना है कि उनका सैन्य अभियान अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के बेहद करीब है और होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना अब केवल एक "साधारण सैन्य पैंतरेबाज़ी" (Military Manoeuvre) रह गया है.