ट्रंप के 50% टैरिफ पर भड़के राष्ट्रपति लूला का अमेरिका पर पलटवार, कहा- 'ब्राजील किसी की दादागिरी नहीं सहेगा'

Trump 50% Tariff Brazil: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. ट्रंप ने ब्राजील से आने वाले सभी सामानों पर 50% का भारी भरकम टैरिफ (एक तरह का टैक्स) लगाने का ऐलान किया है. इसके जवाब में ब्राजील के राष्ट्रपति लूला ने भी साफ कर दिया है कि ब्राजील एक संप्रभु देश है और वह किसी भी तरह की बाहरी दखलअंदाजी बर्दाश्त नहीं करेगा.

लूला ने क्या कहा?

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के ऐलान के बाद, ब्राजील के राष्ट्रपति लूला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक कड़ा संदेश दिया. उन्होंने कहा:

  • संप्रभुता सर्वोपरि: "ब्राजील एक संप्रभु राष्ट्र है जिसके संस्थान स्वतंत्र हैं और यह किसी भी तरह का संरक्षण या दादागिरी स्वीकार नहीं करेगा."
  • अंदरूनी मामलों में दखल नहीं: उन्होंने कहा कि देश में तख्तापलट की कोशिश करने वालों के खिलाफ जो कानूनी कार्रवाई हो रही है, वह पूरी तरह से ब्राजील की न्यायपालिका का अधिकार क्षेत्र है. इसमें किसी भी बाहरी देश की धमकी या दखलअंदाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
  • व्यापार पर गलत दावा: लूला ने ट्रंप के उस दावे को भी खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि अमेरिका को ब्राजील के साथ व्यापार में घाटा हो रहा है. लूला ने कहा, "खुद अमेरिकी सरकार के आंकड़े बताते हैं कि पिछले 15 सालों में अमेरिका को ब्राजील के साथ व्यापार में 410 अरब डॉलर का फायदा (सरप्लस) हुआ है."
  • जैसे को तैसा जवाब मिलेगा: उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका एकतरफा टैरिफ बढ़ाता है, तो ब्राजील भी अपने 'आर्थिक पारस्परिकता कानून' (Economic Reciprocity Law) के तहत इसका जवाब देगा.

ट्रंप ने टैरिफ क्यों लगाया?

यह पूरा विवाद तब बढ़ा जब ट्रंप ने ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो का खुलकर समर्थन किया, जिन पर ब्राजील में तख्तापलट की साजिश रचने का आरोप है.

ट्रंप ने राष्ट्रपति लूला को एक पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने कहा-

  • बोल्सोनारो का समर्थन: ट्रंप ने बोल्सोनारो को एक सम्मानित नेता बताया और उनके खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाई को 'विच हंट' (जानबूझकर परेशान करने की साजिश) करार दिया. उन्होंने मांग की कि यह कार्रवाई तुरंत बंद होनी चाहिए.
  • सेंसरशिप का आरोप: ट्रंप ने ब्राजील की सुप्रीम कोर्ट पर आरोप लगाया कि वह अमेरिकी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर "गैर-कानूनी सेंसरशिप" लगा रही है और उन्हें भारी जुर्माने की धमकी दे रही है.

ट्रंप द्वारा घोषित यह 50% टैरिफ 1 अगस्त, 2025 से लागू करने की बात कही गई है. इस घटना ने दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है.