दो दिन में शांति समझौता नहीं माना तो मचा देंगे तबाही... ट्रंप ने हमास को दिया लास्ट अल्टीमेटम
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गाजा युद्ध को खत्म करने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने हमास को कड़ा संदेश दिया है. ट्रंप ने शुक्रवार को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि हमास को रविवार शाम 6 बजे तक शांति समझौते पर सहमत होना होगा, अन्यथा “ऐसी तबाही होगी जैसी दुनिया ने कभी नहीं देखी.” ट्रंप ने कहा कि यह हमास के लिए आखिरी मौका है कि वह इजरायल के साथ शांति योजना को माने, सभी बंधकों को रिहा करे और हिंसा को खत्म करे. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “शांति एक न एक तरीके से जरूर आएगी.” वहीं, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) पहले ही इस प्रस्तावित युद्धविराम योजना से सहमत हो चुके हैं.

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व्हाइट हाउस द्वारा जारी 20 बिंदुओं वाली योजना में न केवल लड़ाई तुरंत रोकने का प्रस्ताव है, बल्कि गाजा की भविष्य की प्रशासनिक व्यवस्था का ढांचा भी शामिल है.

  • इजरायल धीरे-धीरे अपनी सेनाएं पीछे हटाएगा.
  • हमास को 72 घंटे के भीतर सभी बंधकों को छोड़ना होगा.
  • इसके बदले इजरायल, फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा.
  • गाजा का पुनर्निर्माण एक अंतरराष्ट्रीय "बोर्ड ऑफ पीस" की देखरेख में होगा, जिसकी अध्यक्षता ट्रंप करेंगे और इसमें ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर जैसे नेता शामिल होंगे.
  • हमास को शासन और सैन्य नियंत्रण छोड़ना होगा.
  • गाजा में अंतरराष्ट्रीय शांति बल की तैनाती होगी और मानवीय सहायता बढ़ाई जाएगी.

ट्रंप का कड़ा संदेश हमास को

ट्रंप ने हमास को "निर्दयी और हिंसक खतरा" बताते हुए कहा कि 7 अक्टूबर 2023 का हमला एक ‘नरसंहार’ था जिसमें मासूम बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को निशाना बनाया गया. उन्होंने दावा किया कि इसके जवाब में अब तक 25,000 से ज्यादा हमास लड़ाके मारे जा चुके हैं.

उन्होंने गाज़ा के आम नागरिकों से अपील की कि वे सुरक्षित जगहों पर चले जाएं क्योंकि आगे की कार्रवाई में उनके जीवन पर भी खतरा हो सकता है. ट्रंप ने चेतावनी दी. “हम जानते हैं कि तुम कहां हो, और हम तुम्हें खत्म कर देंगे.”

गाजा का भविष्य

योजना के मुताबिक गाजा को एक “आतंकवाद-मुक्त जोन” बनाया जाएगा, जहां आर्थिक विकास और पुनर्निर्माण पर जोर होगा. हालांकि, हमास ने अभी तक इस प्रस्ताव पर अपनी आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है. ट्रंप ने कहा कि यह डील सभी पक्षों के लिए फायदेमंद है और अगर इसे स्वीकार नहीं किया गया तो नतीजे बेहद गंभीर होंगे.